झुंझुनू में एबीवीपी का युवती सम्मेलन, 800 से अधिक छात्राओं ने लिया भाग
झुंझुनू, 06 अक्टूबर (हि.स.)। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की झुंझुनू जिला इकाई की ओर से सोमवार को “नारी-26” युवती सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में 800 से अधिक छात्राओं ने भाग लिया। कार्यक्रम में शिक्षा, आत्मनिर्भरता, नेतृत्व, आत्मरक्षा, स्वास्थ्य जागरूकता और राष्ट्र निर्माण में युवतियों की भूमिका जैसे विषयों पर चर्चा हुई।
मुख्य अतिथि जिला युवा अधिकारी मधु यादव ने महिला सशक्तीकरण में युवतियों की भूमिका पर विचार रखते हुए कहा कि परिवार और समाज के विकास में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने छात्राओं से अपनी क्षमताओं को पहचानकर आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।
कलेक्ट्रेट की वरिष्ठ लेखाधिकारी प्रियंका लांबा ने शिक्षा के साथ आर्थिक और सामाजिक आत्मनिर्भरता को जरूरी बताते हुए छात्राओं को लक्ष्य निर्धारित करने, निरंतर सीखने और नेतृत्व क्षमता विकसित करने के लिए प्रेरित किया। श्री चावो दादी विद्याकुंज की प्रिंसिपल डॉ. प्रीति शेखावत ने महिला स्वास्थ्य और मानसिक सुदृढ़ता पर विचार रखते हुए छात्राओं को शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया।
एबीवीपी की प्रांत छात्रा प्रमुख अंजली चौरसिया ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में महिलाओं की समान भागीदारी और जिम्मेदारी है। उन्होंने छात्राओं से शिक्षा, कौशल और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का आह्वान करते हुए सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी और नागरिक कर्तव्य को जीवन में अपनाने पर जोर दिया।
जेबी शाह बालिका महाविद्यालय की प्राचार्य योगिता शर्मा ने महिला शिक्षा और आत्मनिर्भरता को सशक्त समाज की आधारशिला बताया। असिस्टेंट प्रोफेसर ममता जालान ने शिक्षा, संस्कार और आत्मनिर्भरता के समन्वय को महिला सशक्तीकरण के लिए महत्वपूर्ण बताया।
सम्मेलन में सुरभि पुरोहित ने एबीवीपी के “मिशन साहसी” अभियान के माध्यम से छात्राओं को आत्मरक्षा के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया। कार्यक्रम का संचालन दीप्ति काला ने किया। इस मौके पर एबीवीपी के कार्यकर्ताओं, छात्राओं और अन्य गणमान्य लोगों ने भाग लिया।
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हिन्दुस्थान समाचार / Chandrashekhar kuntal

