home page

छात्रसंघ चुनाव बहाली की मांग पर राजस्थान यूनिवर्सिटी में एबीवीपी ने किया हंगामा

 | 
छात्रसंघ चुनाव बहाली की मांग पर राजस्थान यूनिवर्सिटी में एबीवीपी ने किया हंगामा


छात्रसंघ चुनाव बहाली की मांग पर राजस्थान यूनिवर्सिटी में एबीवीपी ने किया हंगामा


छात्रसंघ चुनाव बहाली की मांग पर राजस्थान यूनिवर्सिटी में एबीवीपी ने किया हंगामा


जयपुर, 03 जून (हि.स.)। राजस्थान विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव बहाल करने, फीस वृद्धि वापस लेने, परीक्षा एवं प्रवेश शुल्क में कटौती, छात्रावासों की समस्याओं के समाधान तथा विश्वविद्यालय की आधारभूत सुविधाओं में सुधार की मांग को लेकर बुधवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं ने कुलगुरु सचिवालय का घेराव कर प्रदर्शन किया। इस दौरान छात्रों और पुलिस के बीच नोकझोंक व धक्का-मुक्की हुई, जिसके बाद कुछ समय के लिए परिसर में तनावपूर्ण माहौल बन गया।

बुधवार को विश्वविद्यालय में सिंडिकेट की विशेष बैठक आयोजित की गई थी। इसी दौरान बड़ी संख्या में एबीवीपी कार्यकर्ता अपनी मांगों को लेकर कुलगुरु सचिवालय पहुंचे और प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान स्थिति तनावपूर्ण होने पर पुलिस ने छात्रों को हटाने का प्रयास किया। छात्रों का आरोप है कि पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए कुछ विद्यार्थियों को घसीटा और उनके साथ दुर्व्यवहार किया। वहीं पुलिस ने व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई की।

घटनाक्रम के दौरान कुछ छात्र कुलगुरु सचिवालय की छत पर चढ़ गए और नारेबाजी करने लगे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन ने हस्तक्षेप किया। बाद में छात्र प्रतिनिधिमंडल को कुलगुरु से मिलने की अनुमति दी गई, जिसके बाद मामला शांत हुआ। प्रदर्शन के दौरान तीन छात्रों को हिरासत में लेने की भी जानकारी सामने आई।

एबीवीपी राजस्थान विश्वविद्यालय इकाई अध्यक्ष अभिषेक मीणा ने कहा कि विद्यार्थी अपनी समस्याओं को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से कुलगुरु से मिलने पहुंचे थे, लेकिन पुलिस ने छात्रों और कुलगुरु के बीच दीवार बनने का प्रयास किया। उन्होंने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय परिसर में बार-बार पुलिस हस्तक्षेप से विद्यार्थियों के बीच भय का माहौल बनता है। मीणा ने बताया कि कुलगुरु ने विभिन्न मुद्दों के समाधान के लिए समिति गठित करने का आश्वासन दिया है।

एबीवीपी के राज्य विश्वविद्यालयों के राष्ट्रीय संयोजक भारत भूषण यादव ने कहा कि संगठन हमेशा छात्र हितों के मुद्दों को उठाता रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय में लगातार फीस बढ़ाई जा रही है, जबकि विद्यार्थियों को पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। कैंपस में पेयजल, पुस्तकालय और अन्य आधारभूत सुविधाओं की स्थिति चिंताजनक है। उन्होंने विश्वविद्यालय परिसरों में पुलिस हस्तक्षेप सीमित करने की मांग भी उठाई।

वहीं एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन के दौरान कई प्रमुख मांगें प्रशासन के सामने रखीं। इनमें सबसे प्रमुख मांग फीस वृद्धि को वापस लेने की रही। इसके अलावा छात्रावासों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने, प्रवेश परीक्षाओं और परिणामों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने ताकि छात्रसंघ चुनाव कराए जा सकें, और भीमराव अंबेडकर पुस्तकालय को पूर्ण रूप से सुचारू करने की मांग शामिल रही। परिषद ने जर्जर हो चुके पुस्तकालय भवनों की मरम्मत कराने और विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव दोबारा शुरू करने की भी मांग उठाई।

राजस्थान विश्वविद्यालय की कुलगुरु प्रो. अल्पना कटेजा ने बताया कि सिंडिकेट की विशेष बैठक नए कुलगुरु के चयन की प्रक्रिया से संबंधित थी। बैठक में कुलगुरु चयन के लिए गठित की जाने वाली सर्च कमेटी हेतु सिंडिकेट के नामित सदस्य का चयन किया जाना था। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने विद्यार्थियों की मांगों को भी सुना है और नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई पर विचार किया जाएगा।

प्रदर्शन के बाद विश्वविद्यालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई। एबीवीपी ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो संगठन आगामी दिनों में व्यापक आंदोलन करेगा।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश