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मतदान से पहले ही 77 प्रत्याशियों की जीत, भाजपा सबसे आगे; 17 निर्दलीयों ने भी मारी बाजी

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मतदान से पहले ही 77 प्रत्याशियों की जीत, भाजपा सबसे आगे; 17 निर्दलीयों ने भी मारी बाजी


जयपुर, 05 सितंबर (हि.स.)। राजस्थान के नगरीय निकाय चुनाव में मतदान से पहले ही 77 वार्डों का चुनावी फैसला हो गया है। नामांकन वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन वार्डों में मुकाबले के लिए कोई दूसरा प्रत्याशी मैदान में नहीं बचा। ऐसे में संबंधित निर्वाचन अधिकारियों ने 77 प्रत्याशियों को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर जीत का प्रमाण-पत्र जारी कर दिया।

निर्विरोध जीत के मामले में भाजपा सबसे आगे रही। राज्य निर्वाचन आयोग की रिपोर्ट के अनुसार भाजपा के 44 प्रत्याशी बिना चुनाव लड़े ही पार्षद बन गए। इनमें चित्तौड़गढ़ के 6, अलवर और जोधपुर के 4-4, बीकानेर, डीग और जालोर के 3-3 प्रत्याशी शामिल हैं। इसके अलावा सीकर, खैरथल-तिजारा, झुंझुनूं और डूंगरपुर में 2-2 तथा बालोतरा, बांसवाड़ा, ब्यावर, भरतपुर, चूरू, धौलपुर, सिरोही, टोंक, राजसमंद, पाली, नागौर, झालावाड़ और जयपुर जिले में एक-एक भाजपा प्रत्याशी निर्विरोध चुना गया।

कांग्रेस के 16 प्रत्याशी भी बिना मुकाबले जीतकर पार्षद बन गए। इनमें सीकर के 3, जयपुर के 2 तथा सवाई माधोपुर, राजसमंद, नागौर, कोटा, झुंझुनूं, झालावाड़, जैसलमेर, गंगानगर, धौलपुर, दौसा और बूंदी के एक-एक प्रत्याशी शामिल हैं। वहीं 17 निर्दलीय प्रत्याशियों ने भी बिना मतदान के ही जीत दर्ज की।

दिलचस्प बात यह है कि प्रदेश के 10,245 वार्डों में अब 38,891 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं। यानी अधिकांश वार्डों में मुकाबला जारी रहेगा, लेकिन 77 वार्डों के मतदाताओं को मतदान का इंतजार नहीं करना पड़ेगा—उनके पार्षद का फैसला चुनावी मैदान में वोट पड़ने से पहले ही हो चुका है।

निर्विरोध जीत का यह आंकड़ा निकाय चुनाव की सियासी तस्वीर में खासा दिलचस्प है, क्योंकि एक तरफ बड़ी संख्या में प्रत्याशी मैदान में डटे हैं, वहीं दूसरी तरफ 77 प्रत्याशियों ने चुनावी रण में उतरे बिना ही जीत का झंडा फहरा दिया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित