ऑनलाइन यज्ञ से जुड़े देश-दुनिया के 600 साधक
जयपुर, 26 अक्टूबर (हि.स.)। पूर्णिमा तिथि के पावन अवसर पर सोमवार को जयपुर गायत्री परिवार की ओर से एक अनोखी और प्रेरणादायक आध्यात्मिक पहल देखने को मिली। संस्था द्वारा आयोजित 'ऑनलाइन यज्ञ' के माध्यम से देश और विदेश के लगभग 100 स्थानों से करीब 600 गायत्री परिजनों ने एक साथ अपने-अपने घरों से वैदिक मंत्रोच्चार के बीच आहुतियां अर्पित कीं।
सात समंदर पार तक गूंजीं वैदिक ऋचाएं
तकनीक और अध्यात्म के इस अनूठे संगम में न केवल भारत, बल्कि विदेशों में रह रहे प्रवासी भारतीय साधकों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया। यज्ञ में चीन, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका में रहने वाले परिजनों ने डिजिटल माध्यम से जुड़कर अपने-अपने स्थानों पर हवन कुंड में आहुतियां समर्पित कीं। वहीं देश के विभिन्न राज्यों—राजस्थान, दिल्ली, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, झारखंड और बिहार से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुड़े।
राजस्थान के प्रांतीय क्षेत्रों और तहसील मुख्यालयों में भी इस अभियान को लेकर भारी उत्साह देखा गया। शाहपुरा, दूदू, चाकसू और नीमकाथाना सहित विभिन्न कस्बों व ग्रामीण इलाकों से गायत्री परिजनों ने ऑनलाइन तकनीक के ज़रिए यज्ञ प्रक्रिया पूरी की और विश्व शांति व जनकल्याण की प्रार्थना की।
यज्ञ के उपरांत आयोजित ऑनलाइन विचार गोष्ठी में प्रांतीय जोनल समन्वयक ओमप्रकाश अग्रवाल और प्रांतीय सह समन्वयक गायत्री कचोलिया ने परिजनों को संबोधित किया। वक्ताओं ने आह्वान किया कि डिजिटल तकनीक के इस युग में हमें विदेशों में बसे भारतीयों और दूर-दराज के गांवों में रह रहे आम जन को इस रचनात्मक अभियान से जोड़ना होगा। उन्होंने गायत्री परिवार की 'विचार क्रांति' को घर-घर तक पहुँचाने और सामाजिक सरोकारों को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

