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473 विमुक्त, घुमंतू और अर्द्धघुमंतू परिवारों को मिले पक्के घर, मुख्यमंत्री ने सौंपी खुशियों की चाबी

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473 विमुक्त, घुमंतू और अर्द्धघुमंतू परिवारों को मिले पक्के घर, मुख्यमंत्री ने सौंपी खुशियों की चाबी


473 विमुक्त, घुमंतू और अर्द्धघुमंतू परिवारों को मिले पक्के घर, मुख्यमंत्री ने सौंपी खुशियों की चाबी


473 विमुक्त, घुमंतू और अर्द्धघुमंतू परिवारों को मिले पक्के घर, मुख्यमंत्री ने सौंपी खुशियों की चाबी


473 विमुक्त, घुमंतू और अर्द्धघुमंतू परिवारों को मिले पक्के घर, मुख्यमंत्री ने सौंपी खुशियों की चाबी


473 विमुक्त, घुमंतू और अर्द्धघुमंतू परिवारों को मिले पक्के घर, मुख्यमंत्री ने सौंपी खुशियों की चाबी


जयपुर, 13 अगस्त (हि.स.)। वर्षों से स्थायी आवास की जरूरत से जूझ रहे विमुक्त, घुमंतू एवं अर्द्धघुमंतू परिवारों के लिए गुरुवार का दिन नई उम्मीद लेकर आया। कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में आयोजित आवास-फ्लैट्स आवंटन समारोह में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने चिन्हित लाभार्थियों को प्रतीकात्मक रूप से आवंटन पत्र और घर की चाबी सौंपकर उनके पक्के आशियाने के सपने को साकार किया। जयपुर में 473 परिवारों को आवास आवंटित किए गए।

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पक्का घर केवल छत नहीं, बल्कि परिवार के लिए सम्मान, सुरक्षा, स्थायित्व और बेहतर भविष्य का अधिकार-पत्र है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विमुक्त, घुमंतू एवं अर्द्धघुमंतू परिवारों के आर्थिक और सामाजिक सशक्तीकरण के लिए संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है। ये परिवार समाज की अनेक आवश्यकताओं की पूर्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, इसलिए उनके आवास, शिक्षा और अन्य बुनियादी जरूरतों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य ऐसे परिवारों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है, ताकि उनका जीवन अधिक स्थिर और सुरक्षित हो सके।

मुख्यमंत्री ने बताया कि जयपुर के जयसिंहपुरा खोर की आवासीय योजना में लाभार्थी परिवारों को एक बेडरूम, हॉल और किचन युक्त आवास दिए गए हैं। वहीं कोटा में 50 फ्लैट और जोधपुर में 80 भूखंड आवंटन के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि सरकार केवल कुछ परिवारों तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि हर जिले में जरूरत का आकलन कर पात्र परिवारों को आवास उपलब्ध कराने की सूची में जोड़ा जा रहा है।

इस पहल के जरिए ऐसे परिवारों को स्थायी आवास उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है, जिनका जीवन लंबे समय से स्थायी ठिकाने के अभाव में प्रभावित रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आवास मिलने से इन परिवारों को सामाजिक सुरक्षा और सम्मान के साथ अपने बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने का अवसर भी मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने विमुक्त, घुमंतू एवं अर्द्धघुमंतू परिवारों से विशेष रूप से अपील की कि वे अपने बच्चों और युवाओं की शिक्षा पर ध्यान दें। उन्होंने कहा कि बच्चों को पढ़ाकर योग्य बनाया जाए और उन्हें राष्ट्र निर्माण में भाग लेने के लिए प्रेरित किया जाए। स्थायी आवास मिलने के बाद बच्चों की शिक्षा को भी निरंतरता मिलने की उम्मीद है।

उन्होंने आमजन से भी अपील की कि जरूरतमंद और पात्र परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में सहयोग करें, ताकि योजनाओं का वास्तविक लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके।

मुख्यमंत्री ने बताया कि शहरी क्षेत्रों में घुमंतू, अर्द्धघुमंतू, गाड़िया लोहार एवं कालबेलिया समुदाय के परिवारों को अब तक 838 भूखंड और 106 फ्लैट आवंटित किए जा चुके हैं। वहीं मुख्यमंत्री घुमंतू आवास योजना के अंतर्गत 303 परिवार लाभान्वित हुए हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार ने आवास उपलब्ध कराने के साथ-साथ इन परिवारों को भूमि का अधिकार देने की दिशा में भी तेजी से काम किया है। इन समुदायों के परिवारों को अब तक कुल 22 हजार 790 पट्टे वितरित किए जा चुके हैं।

इसके अलावा ग्रामीण सेवा शिविरों के माध्यम से 15 हजार 412 अतिरिक्त पट्टे भी वितरित किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विमुक्त, घुमंतू, अर्द्धघुमंतू आवासहीन परिवारों और बीपीएल परिवारों को अब तक 2 लाख 67 हजार से अधिक पट्टे जारी किए जा चुके हैं। सरकार का प्रयास है कि जिन परिवारों के पास जमीन अथवा स्थायी आवास का अधिकार नहीं है, उन्हें आवश्यक दस्तावेज और अधिकार उपलब्ध कराकर विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाए।

इन समुदायों के सशक्तीकरण के लिए दादूदयाल घुमंतू सशक्तीकरण योजना भी शुरू की गई है। मुख्यमंत्री के अनुसार राजस्थान में विमुक्त, घुमंतू एवं अर्द्धघुमंतू समुदायों की कुल 32 जातियां अधिसूचित हैं।

सरकार की ओर से इन समुदायों की पहचान और सरकारी योजनाओं तक उनकी पहुंच आसान बनाने के लिए विशेष शिविर भी आयोजित किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक 71 हजार से अधिक घुमंतू पहचान प्रमाण-पत्र जारी किए जा चुके हैं। पहचान प्रमाण-पत्र मिलने से पात्र परिवारों को विभिन्न सरकारी योजनाओं और सुविधाओं से जोड़ने की प्रक्रिया को गति मिलने की उम्मीद है।

नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश सर्वांगीण विकास की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। ‘सबका साथ, सबका विकास’ की भावना के अनुरूप गरीब और जरूरतमंद परिवारों को आवास उपलब्ध कराने का काम किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना के माध्यम से आवासहीन परिवारों के घर का सपना पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।

समारोह में विधि एवं न्याय मंत्री जोगाराम पटेल, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, अतिरिक्त मुख्य सचिव नगरीय विकास एवं आवासन आलोक गुप्ता, समाजसेवी महेन्द्र सिंह राजावत सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी तथा विमुक्त, घुमंतू और अर्द्धघुमंतू परिवार मौजूद रहे।

विधायक अतुल भंसाली, देवेन्द्र जोशी, संदीप शर्मा और कल्पना देवी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित