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राजस्थान में 2.61 लाख करोड़ के प्रोजेक्ट्स को रफ्तार, 29 बड़ी परियोजनाओं का काम 80 प्रतिशत से अधिक पूरा

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राजस्थान में 2.61 लाख करोड़ के प्रोजेक्ट्स को रफ्तार, 29 बड़ी परियोजनाओं का काम 80 प्रतिशत से अधिक पूरा


जयपुर, 02 नवंबर (हि.स.)। राजस्थान में केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से बुनियादी ढांचे से जुड़ी बड़ी परियोजनाओं को गति देने का दावा किया गया है। राज्य सरकार के अनुसार प्रदेश में केंद्र सरकार की ओर से संचालित करीब 2 लाख 61 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं में से 1 लाख 22 हजार करोड़ रुपये की लागत वाली 29 परियोजनाओं का काम 80 प्रतिशत से अधिक पूरा हो चुका है। वहीं, प्रगतिरत 82 केंद्रीय परियोजनाओं पर अब तक 1 लाख 17 हजार करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जा चुके हैं।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के दिल्ली दौरों और उच्चस्तरीय बैठकों को इन परियोजनाओं की प्रगति से जोड़ते हुए सरकार ने बुनियादी ढांचे, ऊर्जा, रेलवे, सड़क परिवहन और औद्योगिक विकास में तेजी का उल्लेख किया है। इन परियोजनाओं से प्रदेश में निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद जताई गई है।

केंद्र सरकार की पैमाना रिपोर्ट के अनुसार बाड़मेर में देश की पहली ग्रीनफील्ड रिफाइनरी के बाद पेट्रोकेमिकल निकासी एवं विपणन टर्मिनल का काम 99 प्रतिशत पूरा हो चुका है। जोधपुर हवाई अड्डे पर घरेलू उड़ानों के लिए 480 करोड़ रुपये की लागत से नया यात्री टर्मिनल भवन बनाया गया है। वहीं, उदयपुर हवाई अड्डे के नए एकीकृत यात्री टर्मिनल भवन का निर्माण 88 प्रतिशत पूरा हो चुका है।

राजस्थान में विद्युत प्रसारण और वितरण क्षेत्र की 19 प्रमुख परियोजनाओं पर 98,759 करोड़ रुपये की लागत से काम चल रहा है। इनमें राजस्थान नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र के चौथे चरण की बाड़मेर परिसर स्थित छह गीगावाट सौर परियोजना और फतेहगढ़-द्वितीय प्रसारण प्रणाली जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाएं शामिल हैं।

रेलवे क्षेत्र में बीकानेर-मेड़ता-जोधपुर, अजमेर-चित्तौड़गढ़-उदयपुर और सादुलपुर-रतनगढ़ रेल लाइन सहित 22 बड़ी परियोजनाओं पर 33,572 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जा रहे हैं। राजमार्ग क्षेत्र की 22 परियोजनाओं पर 16,241 करोड़ रुपये और शहरी सार्वजनिक परिवहन से जुड़ी परियोजनाओं पर 14,222 करोड़ रुपये की लागत से कार्य प्रगति पर है।

राजधानी जयपुर में यातायात का दबाव कम करने के लिए 11,764 करोड़ रुपये की लागत से जयपुर रिंग रोड (उत्तर) परियोजना को केंद्र सरकार के सहयोग से पूरा करने की योजना है।

इसके साथ ही 13 हजार करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली जयपुर मेट्रो के दूसरे चरण पर भी काम किया जा रहा है।

औद्योगिक विकास के क्षेत्र में जोधपुर-पाली-मारवाड़ औद्योगिक क्षेत्र जैसी परियोजनाओं को गति देने पर जोर है। वहीं, माही-बांसवाड़ा परमाणु विद्युत परियोजना को भी राज्य की बड़ी ऊर्जा परियोजनाओं में शामिल किया गया है। राज्य में लंबे समय से लंबित जल परियोजनाओं में भी प्रगति का दावा किया गया है। राम जल सेतु लिंक परियोजना से 17 जिलों के तीन करोड़ से अधिक लोगों को पेयजल और करीब चार लाख हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिलने की संभावना बताई गई है।

इसके अलावा यमुना, किशाऊ और नर्मदा जल समझौतों को राजस्थान की भविष्य की जल सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना गया है।

सरकार का कहना है कि केंद्र और राज्य के समन्वय से चल रही इन परियोजनाओं से राजस्थान के बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी। हालांकि, कई परियोजनाओं का निर्माण अभी जारी है, ऐसे में उनके पूर्ण होने और आमजन को वास्तविक लाभ मिलने की स्थिति आगे की प्रगति पर निर्भर करेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित