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(मंत्रिमंडल बैठक)...राजस्थान एयरोस्पेस एंड डिफेन्स पॉलिसी को मंत्रिमंडल की मंजूरी, निवेशकों को मिलेंगी विशेष रियायतें

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(मंत्रिमंडल बैठक)...राजस्थान एयरोस्पेस एंड डिफेन्स पॉलिसी को मंत्रिमंडल की मंजूरी, निवेशकों को मिलेंगी विशेष रियायतें


जयपुर, 21 जनवरी (हि.स.)। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में बुधवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में प्रदेश के औद्योगिक विकास को नई दिशा देने वाला बड़ा फैसला लिया गया। बैठक में राजस्थान एयरोस्पेस एंड डिफेन्स पॉलिसी के अनुमोदन सहित कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इस नीति के तहत एयरोस्पेस, डिफेन्स मैन्युफैक्चरिंग एवं सर्विस इकाइयों को राजस्थान में विशेष रियायतें और प्रोत्साहन दिए जाएंगे।

उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने बताया कि रक्षा और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने तथा राजस्थान को एयरोस्पेस और डिफेन्स मैन्युफैक्चरिंग का प्रमुख हब बनाने के उद्देश्य से इस नीति को लागू किया गया है। नीति का फोकस एमएसएमई, स्टार्टअप्स और नवाचार आधारित इकोसिस्टम के विकास पर रहेगा।

इस नीति के अंतर्गत प्रदेश में एयरोस्पेस एवं डिफेन्स क्षेत्र से जुड़े विनिर्माण उद्यमों, उपकरण व घटक निर्माताओं, आपूर्तिकर्ताओं, प्रिसीजन इंजीनियरिंग यूनिट्स तथा मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहॉल से जुड़ी इकाइयों की स्थापना को प्रोत्साहित किया जाएगा।

कर्नल राठौड़ ने बताया कि विनिर्माण परियोजनाओं के लिए 50 करोड़ से 300 करोड़ रुपये तक अचल पूंजी निवेश को लार्ज, 300 करोड़ से 1,000 करोड़ रुपये तक मेगा और 1,000 करोड़ रुपये से अधिक निवेश को अल्ट्रा मेगा परियोजना की श्रेणी में रखा जाएगा।

वहीं सर्विस सेक्टर में 25 करोड़ से 100 करोड़ रुपये तक निवेश वाली परियोजनाएं लार्ज, 100 करोड़ से 250 करोड़ रुपये तक मेगा और 250 करोड़ रुपये से अधिक निवेश वाली परियोजनाएं अल्ट्रा मेगा श्रेणी में आएंगी।

राजस्थान एयरोस्पेस एंड डिफेन्स पॉलिसी के तहत पात्र उद्यमों को 7 वर्षों तक राज्य कर के 75 प्रतिशत पुनर्भरण के रूप में एसेट क्रिएशन इंसेंटिव दिया जाएगा। इसके अलावा, विनिर्माण इकाइयों को 20 से 28 प्रतिशत और सर्विस सेक्टर को 14 से 20 प्रतिशत तक का पूंजीगत अनुदान 10 वर्षों में वितरित किया जाएगा। निवेशकों को 10 वर्षों तक 1.2 से 2 प्रतिशत तक टर्नओवर लिंक्ड इंसेंटिव का विकल्प भी मिलेगा।

इन प्रोत्साहनों पर अतिरिक्त लाभ के रूप में 10 से 15 प्रतिशत एम्प्लॉयमेंट बूस्टर, पहली तीन मेगा या अल्ट्रा मेगा इकाइयों के लिए 25 प्रतिशत सनराइज बूस्टर, 10 प्रतिशत एंकर बूस्टर और 20 प्रतिशत थ्रस्ट बूस्टर भी प्रदान किए जाएंगे।

रीको से भूमि लेने वाली मेगा और अल्ट्रा मेगा विनिर्माण इकाइयों को 10 वर्षों तक फ्लेक्सिबल लैंड पेमेंट की सुविधा मिलेगी। साथ ही 5 वर्षों के लिए ऑफिस स्पेस पर 25 प्रतिशत लीज रेंटल सब्सिडी भी दी जाएगी।

नीति में बैंकिंग, व्हीलिंग और ट्रांसमिशन चार्जेज में छूट, कैप्टिव पावर प्लांट में किए गए निवेश का 51 प्रतिशत पात्र स्थायी पूंजीगत निवेश में शामिल करने जैसे प्रावधान भी किए गए हैं।

एयरोस्पेस और डिफेन्स उद्योगों को दीर्घकालिक राहत देते हुए 7 वर्षों तक विद्युत शुल्क से 100 प्रतिशत छूट, 7 वर्षों तक मंडी या बाजार शुल्क का पूर्ण पुनर्भरण, स्टांप शुल्क और रूपांतरण शुल्क में 75 प्रतिशत छूट तथा 25 प्रतिशत पुनर्भरण की व्यवस्था की गई है।

सरकार का मानना है कि इस नीति से प्रदेश में बड़े पैमाने पर निवेश आएगा, नई तकनीक आधारित इकाइयों की स्थापना होगी और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। राजस्थान एयरोस्पेस एंड डिफेन्स पॉलिसी को राज्य के औद्योगिक और सामरिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित