विकसित भारत 2047 की आधारशिला है जल सुरक्षा : कुलपति
एमबीएम विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय जल शक्ति हैकाथॉन कार्यशाला सम्पन्न
जोधपुर, 17 जनवरी (हि.स.)। जल सुरक्षा और सतत जल प्रबंधन को विकसित भारत 2047 की आधारशिला बताते हुए एमबीएम विश्वविद्यालय जोधपुर में आयोजित जल शक्ति हैकाथॉन 2025 के अंतर्गत राष्ट्रीय कार्यशाला में विद्यार्थियों, वैज्ञानिकों, उद्योग जगत एवं नीति क्षेत्र के विशेषज्ञों ने जल क्षेत्र में नवाचार आधारित समाधानों पर विशेष बल दिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एमबीएम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अजय कुमार शर्मा ने कहा कि भारत सरकार के विकसित भारत 2047 विजऩ में जल संसाधनों का सतत प्रबंधन, भूजल संरक्षण, जलवायु परिवर्तन के प्रति अनुकूलन तथा जल उपयोग दक्षता को राष्ट्रीय प्राथमिकताओं में शामिल किया गया है। जल शक्ति हैकाथॉन इसी सोच को ज़मीनी स्तर पर साकार करने की दिशा में एक सशक्त पहल है।
विश्वविद्यालय के जन संपर्क अधिकारी आर्किटेक्ट कमलेश कुम्हार ने बताया कि यह कार्यशाला जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण विभाग, जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रायोजित तथा राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान रुडक़ी के निदेशक के मार्गदर्शन में आयोजित की गई। कार्यक्रम का संयुक्त आयोजन राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्रीय केंद्र, जोधपुर एवं एमबीएम विश्वविद्यालय, जोधपुर द्वारा किया गया। कार्यशाला का आयोजन एमबीएम विश्वविद्यालय के सभागार में किया गया, जिसमें 350 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में एमबीएम विश्वविद्यालय, आईआईटी जोधपुर, कृषि विश्वविद्यालय सहित विभिन्न शैक्षणिक एवं शोध संस्थानों से आए विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों ने ऑन-स्पॉट पंजीकरण प्रक्रिया के बारे में विस्तृत जानकारी लाइव डेमो के माध्यम से प्राप्त की। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता अरुण कुमार सिडाना, डीन, फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एवं आर्किटेक्चर डॉ. जयश्री वाजपेयी उपस्थित रहे।
इसके अतिरिक्त उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त आयुक्त शंकर लाल पालीवाल तथा जोधपुर इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष अनुराग लोहिया ने भी अपने विचार साझा किए।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश

