राजस्थान में पंचायतीराज चुनाव का बिगुल, चार चरणों में होगा मतदान
जयपुर, 03 अक्टूबर (हि.स.)। राजस्थान में पंचायतीराज चुनाव का इंतजार खत्म हो गया है। राज्य निर्वाचन आयोग ने शनिवार को चुनाव कार्यक्रम जारी कर दिया। प्रदेश की पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव चार चरणों में होंगे और कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में आचार संहिता लागू हो गई है। इस चुनाव में करीब 4.03 करोड़ ग्रामीण मतदाता अपने प्रतिनिधियों का चुनाव करेंगे।
चुनाव कार्यक्रम के मुताबिक जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए पहले चरण में 23 अक्टूबर, दूसरे चरण में 29 अक्टूबर, तीसरे चरण में 4 नवंबर और चौथे चरण में 14 नवंबर को मतदान होगा। वहीं पंच और सरपंच के चुनाव क्रमशः 25 अक्टूबर, 31 अक्टूबर, 6 नवंबर और 16 नवंबर को कराए जाएंगे। जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव में ईवीएम का इस्तेमाल होगा, जबकि पंच और सरपंच के चुनाव बैलेट पेपर से होंगे।
-1.69 लाख से ज्यादा जनप्रतिनिधि चुनेंगे ग्रामीण मतदाता
प्रदेश में 41 जिला परिषदों के 1,403 सदस्यों और 457 पंचायत समितियों के 8,245 सदस्यों का चुनाव होगा। इसके साथ ही 14,403 ग्राम पंचायतों में सरपंच और वार्ड पंचों का चुनाव कराया जाएगा। चुनावी प्रक्रिया पूरी होने के बाद जिला परिषद सदस्य 41 जिला प्रमुखों तथा पंचायत समिति सदस्य 457 प्रधानों का चुनाव करेंगे। जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों की मतगणना 20 नवंबर को होगी।
-महिलाओं की आधी हिस्सेदारी
इस बार पंचायतीराज संस्थाओं में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण लागू है। आरक्षण व्यवस्था के अनुसार 41 जिला प्रमुख पदों में 20 पद महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। इसी तरह 457 पंचायत समितियों में 221 प्रधान पद महिलाओं के लिए आरक्षित बताए गए हैं। प्रदेश की 14,403 ग्राम पंचायतों में करीब 7,201 महिलाएं सरपंच बनेंगी, जबकि 65 हजार से अधिक वार्ड पंच पदों पर भी महिलाओं का प्रतिनिधित्व होगा।
चार जिलों में 22 दिसंबर को प्रमुख-प्रधान का चुनाव
चुनाव कार्यक्रम की खास बात यह है कि कोटा, श्रीगंगानगर, बारां और करौली जिलों में जिला प्रमुख और प्रधान के चुनाव 22 दिसंबर को होंगे। इन जिलों के जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों का चुनाव निर्धारित चरणों में ही होगा, लेकिन शीर्ष पदों के चुनाव की तारीख अलग रखी गई है।
8 अक्टूबर से नामांकन की शुरुआत
जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए नामांकन प्रक्रिया 8 अक्टूबर से शुरू होगी। पहले चरण के लिए नामांकन की अंतिम तारीख 13 अक्टूबर रहेगी। पंच और सरपंच चुनावों की प्रक्रिया भी चरणवार आगे बढ़ेगी। जिला परिषद और पंचायत समिति की मतगणना 20 नवंबर को होगी, जबकि प्रधान और जिला प्रमुख सहित शीर्ष पदों की चुनावी प्रक्रिया नवंबर के अंतिम सप्ताह तक पूरी होगी।
रोचक तथ्य यह है कि इस बार गांव की सरकार में महिलाओं की भूमिका पहले से कहीं अधिक बड़ी होगी। 50 प्रतिशत आरक्षण के कारण हजारों ग्राम पंचायतों, पंचायत समितियों और जिला परिषदों की कमान महिलाओं के हाथों में पहुंचेगी। वहीं चुनाव कार्यक्रम जारी होते ही आचार संहिता लागू होने से अब ग्रामीण राजस्थान में राजनीतिक गतिविधियां पूरी तरह चुनावी रंग में नजर आएंगी।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित

