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राजस्थानी भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग

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राजस्थानी भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग


मायड़ भाषा फाउंडेशन ने प्रधानमंत्री को भेजा पत्र

जोधपुर, 09 अप्रैल (हि.स.)। राजस्थानी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर मायड़ भाषा फाउंडेशन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र भेजकर इस दिशा में शीघ्र कार्रवाई करने का आग्रह किया है।

फाउंडेशन की अध्यक्ष तरनीजा मोहन राठौड़ ने पत्र के माध्यम से बताया कि राजस्थानी भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं और ऐतिहासिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा कि करीब आठ करोड़ राजस्थानवासियों की यह लंबे समय से चली आ रही मांग है, जो अब तक अधूरी है। पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि इस मुद्दे को राज्य के जनप्रतिनिधियों द्वारा कई बार विधानसभा, लोकसभा और राज्यसभा में उठाया जा चुका है। इसके अलावा विभिन्न सामाजिक संगठनों और भाषा प्रेमियों द्वारा लगातार आंदोलन और जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। फाउंडेशन ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया है कि वे इस विषय में सकारात्मक पहल करते हुए राजस्थानी भाषा को जल्द से जल्द संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल कराने के लिए आवश्यक कदम उठाएं।

हिन्दुस्थान समाचार / सतीश