बारिश में फिसला पैर, ट्रेन की चपेट में आए आरपीएफ कांस्टेबल को तिरंगे में दी अंतिम विदाई
भरतपुर, 11 अगस्त (हि.स.)। बारिश के बीच ड्यूटी करते हुए जान गंवाने वाले आरपीएफ कांस्टेबल लोकेश कुमार को मंगलवार सुबह उनके पैतृक गांव जिरौली में नम आंखों के साथ अंतिम विदाई दी गई। तिरंगे में लिपटा लोकेश का शव गांव पहुंचते ही माहौल गमगीन हो गया। परिजन बिलख पड़े, वहीं ग्रामीणों की आंखें भी नम हो गईं। अंतिम संस्कार से पहले आरपीएफ अधिकारियों ने पुष्प चक्र अर्पित कर लोकेश को श्रद्धांजलि दी और गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इसके बाद राजकीय सम्मान से उनका अंतिम संस्कार किया गया। ग्रामीणों ने ‘लोकेश कुमार अमर रहे’ के नारे लगाकर उन्हें अंतिम विदाई दी।
लोकेश कुमार की नौ अगस्त को हरदा रेलवे स्टेशन पर ड्यूटी के दौरान ट्रेन की चपेट में आने से मौत हुई थी। वे करीब तीन साल से हरदा स्टेशन पर आरपीएफ कांस्टेबल के पद पर तैनात थे। घटना के समय बारिश हो रही थी और लोकेश प्लेटफॉर्म पर गश्त कर रहे थे। इसी दौरान गीले प्लेटफॉर्म पर अचानक उनका पैर फिसल गया और वे रेलवे ट्रैक पर जा गिरे। इसी बीच ट्रैक पर लोकमान्य तिलक गोरखपुर मुंबई सुपर फास्ट एक्सप्रेस ट्रेन नंबर 20301 आ रही थी। लोकेश संभल पाते, उससे पहले ही ट्रेन की चपेट में आ गए। हादसा इतना दर्दनाक था कि उनके दोनों पैर धड़ से अलग हो गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
हादसे की सूचना मिलते ही जीआरपी और आरपीएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर अस्पताल पहुंचाया। घटनास्थल का मौका मुआयना करने के साथ मामले की जांच शुरू की गई। अगले दिन शव का पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद लोकेश के भाई चंद्रशेखर शव लेकर भरतपुर के लिए रवाना हुए।
बुधवार सुबह करीब चार बजे लोकेश का शव उनके गांव जिरौली पहुंचा। तिरंगे में लिपटा शव देखते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। पत्नी रीना और बच्चों समेत परिजन बेसुध हो गए। लोकेश के बेटे अर्पित को जब पिता के अंतिम दर्शन करवाए गए तो माहौल बेहद भावुक हो गया। अंतिम संस्कार से पहले आरपीएफ अधिकारियों ने लोकेश के पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित किया और सलामी दी।
इसके बाद जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर अपने साथी को अंतिम विदाई दी। राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान ग्रामीणों ने ‘लोकेश कुमार अमर रहे’ के नारे लगाए।
लोकेश के परिवार में पत्नी रीना, 8 साल की बेटी याशिका और 5 साल का बेटा अर्पित है। लोकेश पत्नी और दोनों बच्चों के साथ हरदा में किराए के कमरे में रहते थे। करीब तीन साल से हरदा स्टेशन पर सेवा दे रहे लोकेश की ड्यूटी के दौरान हुई मौत से गांव में शोक का माहौल है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित

