प्रदेश में एक्सप्रेस-वे निर्माण को मिलेगी नई गति
जयपुर, 21 जुलाई (हि.स.)। राजस्थान स्टेट रोड डेवलपमेंट एंड कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन (आरएसआरडीसी) द्वारा राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर (आरआईसी) में प्रस्तावित कोटपुतली–किशनगढ़ एवं ब्यावर–भरतपुर एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं के संबंध में बिडर्स कॉन्क्लेव आयोजित किया गया। कॉन्क्लेव में देशभर से संभावित बिडर्स ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा परियोजनाओं के तकनीकी, वित्तीय एवं क्रियान्वयन संबंधी विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक के दौरान दोनों एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं का विस्तृत प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया गया। इसमें प्रस्तावित रूट, डिजाइन, निर्माण मॉडल, कनेक्टिविटी, यातायात संभावनाओं एवं परियोजनाओं के विभिन्न तकनीकी पहलुओं की जानकारी साझा की गई।
बैठक में एक्सप्रेस-वे से जुड़े पर्यटन स्थलों, औद्योगिक क्षेत्रों, लॉजिस्टिक हब, संभावित निवेश क्षेत्रों तथा भविष्य की विकास संभावनाओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों एवं संभावित बिडर्स ने परियोजनाओं के माध्यम से क्षेत्रीय आर्थिक विकास, औद्योगिक निवेश, रोजगार सृजन तथा बेहतर कनेक्टिविटी को लेकर अपने सुझाव साझा किए।
इस अवसर पर एनएचएआई के चेयरमैन संतोष कुमार यादव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक को संबोधित करते हुए महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने राजस्थान सरकार की प्रदेशभर में विश्वस्तरीय एक्सप्रेस-वे नेटवर्क विकसित करने की पहल की सराहना करते हुए कहा कि ये परियोजनाएं राज्य में बेहतर कनेक्टिविटी, आर्थिक गतिविधियों और समग्र विकास को नई गति प्रदान करेंगी। इस अवसर पर सार्वजनिक निर्माण विभाग के एसीएस प्रवीण गुप्ता ने भी वीसी के माध्यम से अपने विचार व्यक्त किए।
बैठक के दौरान संभावित बिडर्स द्वारा परियोजनाओं से संबंधित विभिन्न सुझाव एवं जिज्ञासाएं भी साझा की गईं, जिन पर अधिकारियों ने विस्तार से चर्चा करते हुए आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई।
कॉन्क्लेव में सार्वजनिक निर्माण विभाग के शासन सचिव डी.आर. मेघवाल, आरएसआरडीसी के प्रबंध निदेशक सुनील जयसिंह, एनएचबीएफ के चेयरमैन डी.आर. अग्रवाल
एनएचएआई, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय , रीको , डीएफसीसीआईएल , सार्वजनिक निर्माण विभाग तथा आरएसआरडीसी के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया और संभावित बिडर्स के साथ महत्वपूर्ण विचार-विमर्श किया।
इसके अतिरिक्त जयपुर–भीलवाड़ा एक्सप्रेस-वे परियोजना का भी संक्षिप्त प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया गया, जिसमें प्रस्तावित कॉरिडोर की प्रमुख विशेषताओं, क्षेत्रीय कनेक्टिविटी तथा भविष्य में औद्योगिक एवं आर्थिक विकास की संभावनाओं से संभावित बिडर्स को अवगत कराया गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश

