पालपादर में संविधान संदर्भ केंद्र का शुभारंभ, ग्रामीणों को संवैधानिक अधिकारों और योजनाओं की मिलेगी जानकारी
डूंगरपुर, 31 जुलाई (हि.स.)। ग्रामीण अंचल के अंतिम व्यक्ति तक भारतीय संविधान के मूल्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाने के उद्देश्य से शुक्रवार को डूंगरपुर जिले की बिछीवाड़ा पंचायत समिति के पालपादर गांव में संविधान संदर्भ केंद्र का शुभारंभ किया गया। आस्था संस्थान की संवैधानिक मूल्य गरिमा फैलोशिप की फैलो गिरिजा वरहात के नेतृत्व में शुरू किया गया यह केंद्र संवाद, अध्ययन और जनजागरूकता का मंच बनेगा।
आस्था संस्थान के समन्वयक डॉ. भरत श्रीमाली ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण समुदाय, विशेषकर युवाओं, महिलाओं और विद्यार्थियों के बीच भारतीय संविधान के मूलभूत सिद्धांतों, मौलिक अधिकारों, मौलिक कर्तव्यों और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। उन्होंने बताया कि केंद्र के माध्यम से समय-समय पर संविधान की प्रस्तावना, समानता, स्वतंत्रता, बंधुता, सामाजिक न्याय और नागरिक अधिकारों से जुड़े विषयों पर चर्चा, प्रशिक्षण और अध्ययन सत्र आयोजित किए जाएंगे।
आस्था संस्थान से जुड़े सक्रिय लीडर बाबूलाल पंडवाला ने कहा कि संविधान को केवल एक दस्तावेज तक सीमित न रखकर उसे जन-जन के व्यवहारिक जीवन से जोड़ना इस पहल का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने बताया कि केंद्र के माध्यम से महात्मा गांधी नरेगा, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, पालनहार योजना और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि सहित केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी ग्रामीणों तक पहुंचाई जाएगी तथा पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ दिलाने में सहयोग किया जाएगा।
ग्रामीणों ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे सामाजिक सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। कार्यक्रम में भानेश्वर परमार, अशोक गमेती, जशोदा अहारी, कमला, रेखा, बाबूलाल पंडवाला सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष

