देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने किया रुद्राभिषेक
जयपुर, 03 अगस्त (हि.स.)। पवित्र श्रावण मास के प्रथम सोमवार के पावन अवसर पर राजधानी जयपुर के प्रसिद्ध प्रतापेश्वर महादेव मंदिर में भक्ति का अनूठा माहौल देखने को मिला। इस विशेष दिन पर देवस्थान विभाग, राजस्थान सरकार की ओर से एक भव्य रुद्राभिषेक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस धार्मिक अनुष्ठान में प्रदेश के पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान विभाग के कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। कार्यक्रम की शुरुआत मंदिर के गर्भगृह में पंडितों और आचार्यों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार और शंखध्वनि के साथ हुई। देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने पूर्ण विधि-विधान और पवित्र भाव से भगवान शिव का दूध, जल, शहद, घी और पंचामृत से अभिषेक किया। इसके बाद विल्वपत्र, धतूरा और आंकड़े के फूल अर्पित किए गए। पूजा के समापन पर भगवान प्रतापेश्वर की भव्य आरती उतारी गई, जिसमें मंदिर प्रशासन के अधिकारियों और स्थानीय श्रद्धालुओं ने भी भाग लिया।
रुद्राभिषेक के बाद देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा, श्रावण का महीना देवों के देव महादेव की आराधना के लिए सर्वोत्तम है। आज प्रथम सोमवार के इस शुभ संयोग पर देवस्थान विभाग की ओर से आयोजित इस पूजा में शामिल होने का सौभाग्य मिला। भगवान भोलेनाथ से यही प्रार्थना है कि हमारे प्रदेश में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली बनी रहे। हमारे किसान, गोपालक और समस्त नागरिक संपन्न हों और राज्य में अच्छी वर्षा हो। मंत्री कुमावत ने देवस्थान विभाग की प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सभी प्रमुख और ऐतिहासिक मंदिरों के जीर्णोद्धार तथा वहां श्रद्धालुओं के लिए उत्तम सुविधाएं विकसित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। प्रतापेश्वर महादेव मंदिर में आयोजित यह कार्यक्रम इसी श्रृंखला का एक हिस्सा है, जो हमारी सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को अक्षुण बनाए रखने का संदेश देता है। श्री कुमावत ने बताया कि देवस्थान विभाग की ओर से श्रावण मास के प्रत्येक सोमवार को विभाग के शिव मंदिरों में रूद्धाभिषेक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
इस अवसर पर देवस्थान विभाग के सहायक आयुक्त जयपुर प्रथम रतनलाल योगी, जयपुर द्वितीय के सहायक आयुक्त महेंद्र देवतवाल, मंदिर के पुजारी और बड़ी संख्या में शिवभक्त उपस्थित रहे, जिन्होंने महादेव के दर्शन किए। पूरे मंदिर परिसर में 'हर-हर महादेव' और 'बम-बम भोले' के जयकारे गूंजते रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

