दिव्यांगजन समाज के अभिन्न अंग: आलोक कुमार
सक्षम राष्ट्रीय कार्यकारिणी परिषद की बैठक, सक्षम दिव्यांग अभ्युदय स्मारिका का विमोचन
जोधपुर, 05 सितम्बर (हि.स.)। सक्षम की राष्ट्रीय कार्यकारिणी परिषद की बैठक का उद्घाटन सत्र शनिवार काे जोधपुर स्थित पुंगलिया रिसॉर्ट में हुआ। उद्घाटन समारोह के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह-सरकार्यवाह आलोक कुमार रहे, जबकि सह सेवा प्रमुख राजकुमार मटाले विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
समारोह की अध्यक्षता सक्षम के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. दयाल सिंह पंवार ने की। मंच पर सक्षम के महासचिव उमेश आंधारे, कोषाध्यक्ष सतीश अग्रवाल, उपाध्यक्ष कामाक्षी स्वामीनाथन, जोधपुर प्रांत अध्यक्ष गुरमीत सिंह महल तथा जोधपुर महानगर अध्यक्ष डॉ. जसराज़ शर्मा उपस्थित रहे। सक्षम की राष्ट्रीय कार्यकारिणी परिषद में अखिल भारतीय कार्यकारिणी व विशेष आमंत्रित सदस्य, प्रांत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, कोषाध्यक्ष, सचिव, सहसचिव तथा प्रत्येक प्रांत से महिला आयाम प्रमुख पदाधिकारी एवं प्रतिनिधि सम्मिलित हुए।
स्वागत उद्बोधन में सक्षम के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. दयाल सिंह पवार ने सक्षम के 18 वर्षों के सफर पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि सक्षम अब अपने 18 वर्ष पूर्ण कर एक वयस्क संस्था के रूप में नई ऊर्जा और नए संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने समाज में दिव्यांगजनों के प्रति केवल सहानुभूति नहीं, बल्कि आत्मीयता, अपनत्व और जिम्मेदारी की भावना जागृत करने की आवश्यकता पर बल दिया। मुख्य वक्ता आलोक कुमार ने कहा कि विश्व की लगभग 16 प्रतिशत आबादी दिव्यांगता से प्रभावित है और इस आबादी का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा विकासशील देशों में निवास करता है। भारत में भी लगभग 2.5 प्रतिशत आबादी दिव्यांगजनों की है। ऐसे में दिव्यांगजनों के उत्थान, सामाजिक विकास, सम्मानजनक जीवन तथा आत्मनिर्भरता के लिए अभी बहुत अधिक कार्य किए जाने की आवश्यकता है। आलोक कुमार ने वर्तमान समय की एक नई सामाजिक चुनौती की ओर भी ध्यान आकर्षित किया।
उन्होंने कहा कि आज मोबाइल की अत्यधिक निर्भरता और उससे उत्पन्न एकाकीपन एक नई प्रकार की दिव्यांगता जैसी सामाजिक समस्या को जन्म दे रहा है। व्यक्ति लगातार मोबाइल में व्यस्त रहने के कारण सामाजिक संपर्क और पारिवारिक संवाद से दूर होता जा रहा है।
उन्होंने मोबाइल एवं अन्य डिजिटल माध्यमों की बढ़ती लत को समाज के लिए गंभीर चुनौती बताते हुए कहा कि व्यसन और नशे की प्रवृत्ति भी भारत में बड़ी समस्या बनकर उभर रही है। इन चुनौतियों के समाधान के लिए समाज को जागरूक करने और स्वस्थ सामाजिक वातावरण तैयार करने में स्वयंसेवी संगठनों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उद्घाटन समारोह के अवसर पर सक्षम की स्मारिका सक्षम दिव्यांग अभ्युदय का भी विमोचन किया गया। स्मारिका में दिव्यांगजनों के सर्वांगीण विकास, संगठन की गतिविधियों तथा सक्षम के सेवा कार्यों को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया है।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश

