डूंगरपुर के एसबीपी कॉलेज में जल्द शुरू होगा बीबीए पाठ्यक्रम
डूंगरपुर, 06 जुलाई (हि.स.)। आदिवासी बहुल डूंगरपुर जिले के विद्यार्थियों के लिए उच्च एवं व्यावसायिक शिक्षा के क्षेत्र में नई पहल होने जा रही है। जिले के सबसे बड़े श्री भोगीलाल पंड्या राजकीय महाविद्यालय (एसबीपी) में स्नातक स्तर पर व्यवसाय प्रबंधन का पाठ्यक्रम शुरू करने की तैयारी पूरी कर ली गई है। कॉलेज शिक्षा विभाग से इस पाठ्यक्रम को मंजूरी मिल चुकी है और अब केवल अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद से अंतिम अनापत्ति मिलने का इंतजार है। अंतिम स्वीकृति मिलते ही इसी शैक्षणिक सत्र से प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. गणेशलाल निनामा ने बताया कि अंतिम मान्यता के लिए राष्ट्रीय एकल खिड़की प्रणाली के माध्यम से 25 जून को पंजीकरण कराया जा चुका है। तकनीकी शिक्षा परिषद की स्वीकृति मिलते ही पाठ्यक्रम का संचालन प्रारंभ कर दिया जाएगा। प्रारंभिक चरण में 60 सीटों पर प्रवेश दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि पाठ्यक्रम शुरू होने के बाद डूंगरपुर तथा आसपास के ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों के विद्यार्थियों को व्यवसाय प्रबंधन की पढ़ाई के लिए जयपुर, उदयपुर अथवा अहमदाबाद जैसे बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। इससे विद्यार्थियों का समय और आर्थिक व्यय दोनों बचेंगे तथा उन्हें स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण व्यावसायिक शिक्षा उपलब्ध हो सकेगी।
महाविद्यालय प्रशासन के अनुसार पाठ्यक्रम में व्यवसाय प्रबंधन, उद्यमिता, वित्त एवं विपणन जैसे रोजगारोन्मुख विषय शामिल होंगे। इससे विद्यार्थियों के लिए निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ने के साथ-साथ स्वरोजगार और नए उद्यम स्थापित करने की संभावनाओं को भी बल मिलेगा।पाठ्यक्रम के संचालन के लिए महाविद्यालय परिसर में आधुनिक सुविधाओं से युक्त एक अलग विंग विकसित की जाएगी। इसमें विद्यार्थियों को व्यावहारिक एवं तकनीकी प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी, ताकि उन्हें वर्तमान प्रतिस्पर्धी माहौल के अनुरूप शिक्षा मिल सके।
उल्लेखनीय है कि पिछले शैक्षणिक सत्र में शहर के वीर बाला काली बाई राजकीय कन्या महाविद्यालय में भी इसी प्रकार का पाठ्यक्रम शुरू किया गया था, लेकिन केवल छात्राओं के लिए होने के कारण वहां एक भी आवेदन प्राप्त नहीं हुआ। इसके विपरीत एसबीपी महाविद्यालय में यह पाठ्यक्रम छात्र एवं छात्राओं दोनों के लिए उपलब्ध होगा। महाविद्यालय प्रशासन को उम्मीद है कि इस कारण सभी सीटों पर प्रवेश होंगे और जिले में व्यावसायिक शिक्षा को नई दिशा मिलेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष

