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ट्रांसजेंडर समाज के सम्मान और सशक्तिकरण पर सेवा भारती की कार्यशाला आयोजित

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ट्रांसजेंडर समाज के सम्मान और सशक्तिकरण पर सेवा भारती की कार्यशाला आयोजित


जयपुर, 26 जुलाई (हि.स.)। सेवा भारती समिति (जयपुर प्रांत), विद्या देवी चैरिटेबल ट्रस्ट एवं समाज कल्याण मंत्रालय के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को सेवा सदन, सहकार मार्ग स्थित परिसर में 'ट्रांसजेंडर व्यक्तियों हेतु (अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम-2019 एवं संशोधन अधिनियम-2026' विषय पर जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का उद्देश्य ट्रांसजेंडर समाज के प्रति सम्मान, संवेदनशीलता, समरसता और समान सहभागिता को बढ़ावा देना रहा।

कार्यक्रम का शुभारंभ प्रांतीय सेवा भारती के ट्रांसजेंडर प्रमुख अनिल शुक्ला के स्वागत उद्बोधन तथा विद्या देवी चैरिटेबल ट्रस्ट के सलाहकार अशोक सिन्हा की प्रस्तावना से हुआ।

एनसीटीपी की विशेषज्ञ सदस्या रवीना बरिहा ने विभिन्न संस्कृतियों में ट्रांसजेंडर समाज के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक संदर्भों पर प्रकाश डाला। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र सेवा प्रमुख शिवलहरी ने सामाजिक समरसता और समाज में सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने की आवश्यकता पर अपने विचार रखे।

डॉ. टविषी शर्मा ने ट्रांसजेंडर समुदाय के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य संबंधी विषयों पर जानकारी दी। नागरिक अधिकार विभाग, राजस्थान सरकार के आईपीएस ज्ञानचंद ने ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के कानूनी अधिकारों और अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी दी। समाज कल्याण बोर्ड, राजस्थान के सचिव डॉ. सुआ लाल पहड़िया ने केंद्र एवं राज्य सरकार की छात्रवृत्ति, चिकित्सा तथा अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी साझा की।

मितवा फाउंडेशन की संस्थापिका विद्या राजपूत तथा ट्रांसजेंडर सामाजिक कार्यकर्ता पोपी देबनाथ ने समुदाय के समक्ष आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों, सामाजिक संघर्ष और अधिकारों से जुड़े अपने अनुभव साझा किए।

राष्ट्रीय सेवा भारती के ट्रांसजेंडर राष्ट्रीय प्रमुख ऋषिपाल डड़वाल ने कहा कि भारतीय संस्कृति का मूल भाव करुणा, समानता और सामाजिक समरसता है। ट्रांसजेंडर समाज को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना पूरे समाज का सामूहिक दायित्व है।

कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचारक बाबूलाल, प्रांत सह-कार्यवाह कृष्ण कुमार अड़ानिया, सेवा भारती के प्रांतीय मंत्री मान सिंह, मातृशक्ति, पत्रकार, किन्नर समाज के प्रतिनिधि तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी और सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / अखिल