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जूली का आरोप- अमित शाह के अलवर दौरे से पहले कांग्रेस नेताओं-कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया

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जूली का आरोप- अमित शाह के अलवर दौरे से पहले कांग्रेस नेताओं-कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया


अलवर, 16 अगस्त (हि.स.)। राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के अलवर दौरे को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि शाह के दौरे के दौरान करोड़ों रुपये के विकास कार्यों के लोकार्पण और शिलान्यास के बीच कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को नजरबंद और हिरासत में लेकर विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास किया गया।

जूली ने कहा कि भाजपा ने अलवर में एक बार फिर विकास का ढोल पीटा है, लेकिन विरोध और सवाल उठाने वालों पर ताला लगा दिया गया। उन्होंने इसे ‘विकास नहीं बल्कि इवेंट मैनेजमेंट की तानाशाही’ करार देते हुए कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता भाजपा की कथित दमनकारी नीति के आगे नहीं झुकेंगे।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यदि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को अलवर की वास्तविक स्थिति जाननी है तो उन्हें भाजपा नेताओं और अधिकारियों से फीडबैक लेने के बजाय सीधे आमजन से संवाद करना चाहिए। उन्होंने अलवर में मेट्रो, एयरपोर्ट, सैनिक स्कूल, अरावली और सरिस्का से जुड़े मुद्दे उठाते हुए कहा कि इन विषयों की जमीनी हकीकत जनता से बातचीत करके ही सामने आ सकती है।

जूली ने कहा कि अमित शाह को पहले बाबा भर्तृहरि के दर्शन करने चाहिए थे और इसके बाद अधिकारियों की गाड़ियों से उतरकर आम लोगों के बीच जाना चाहिए था। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्गों की स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि सड़कों पर इतने गड्ढे हैं कि उन्हें गिनते-गिनते लोग थक जाएंगे। उन्होंने कहा कि अलवर की असली हकीकत फीडबैक फॉर्म में नहीं बल्कि जनता की आंखों में दिखाई देगी। रिक्शा चालकों, किसानों और डेयरी से जुड़े लोगों से सीधे बातचीत करने पर ही जिले की वास्तविक स्थिति समझी जा सकती है।

जूली ने अलवर में डेयरी से जुड़े कार्यक्रम को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस डेयरी के नाम पर भाजपा नेता वाहवाही लूटने का प्रयास कर रहे हैं, उस पर कर्ज का बोझ बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि इसका असर किसानों और दुग्ध उत्पादकों पर पड़ सकता है। उन्होंने दुग्ध उत्पादकों की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए डेयरी से जुड़े वित्तीय मामलों को गंभीरता से लेने की मांग की।

नेता प्रतिपक्ष ने अरावली पर्वतमाला और सरिस्का टाइगर रिजर्व के क्रिटिकल टाइगर हैबिटेट यानी सीटीएच में बदलाव के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि अरावली केवल पहाड़ियों की श्रृंखला नहीं बल्कि राजस्थान और आसपास के क्षेत्रों के पर्यावरणीय संतुलन के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। अरावली की परिभाषा में बदलाव का असर वन, वन्यजीव, भूजल और पर्यावरण पर पड़ सकता है। उन्होंने सरिस्का को अलवर की पहचान बताते हुए सीटीएच में किसी भी बदलाव की प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की। जूली ने कहा कि सरिस्का के संरक्षण के साथ स्थानीय लोगों के हितों और पर्यावरणीय संतुलन को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

जूली ने आरोप लगाया कि अमित शाह के अलवर दौरे से पहले कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने नजरबंद किया तथा कुछ को थानों में हिरासत में लिया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विपक्षी दलों को अपनी बात रखने और सरकार के कामकाज का विरोध करने का अधिकार है। सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल कर आमजन और विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पुलिस के दबाव के बावजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं का जोश कम नहीं हुआ और उन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखने का प्रयास किया।

पुलिस ने कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रकाश गंगावत, दीनबंधु शर्मा, दक्षिण जिलाध्यक्ष बलराम यादव, सतीश पटेल, विश्राम गुर्जर और पूर्व जिलाध्यक्ष योगेश मिश्रा सहित कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। इनमें कुछ को नजरबंद भी किया गया। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद सभी को छोड़ दिया गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / मनीष कुमार