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जनसुनवाई में 650 से अधिक परिवेदनाएं, त्वरित निस्तारण के निर्देश

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जनसुनवाई में 650 से अधिक परिवेदनाएं, त्वरित निस्तारण के निर्देश


जनसुनवाई में 650 से अधिक परिवेदनाएं, त्वरित निस्तारण के निर्देश


अलवर, 25 जून (हि.स.)। पर्यावरण एवं वन राज्यमंत्री संजय शर्मा ने बुधवार को सर्किट हाउस में आयोजित जनसुनवाई में आमजन की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को उनके त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। जनसुनवाई में जिलेभर से आए 650 से अधिक फरियादियों ने अपनी परिवेदनाएं प्रस्तुत कीं, जिनमें स्थानांतरण संबंधी मामले प्रमुख रहे।

वन राज्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार आमजन की समस्याओं के शीघ्र समाधान के लिए नियमित रूप से जनसुनवाई आयोजित की जा रही है। इसका उद्देश्य लोगों को तत्काल राहत प्रदान कर मूलभूत सुविधाओं का लाभ सुनिश्चित करना है।

जनसुनवाई में पेयजल, बिजली, चिकित्सा, सड़क, अतिक्रमण और स्थानांतरण से जुड़ी शिकायतें प्रमुख रूप से सामने आईं। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परिवेदनाओं का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जाए, जबकि जयपुर स्तर से संबंधित मामलों का भी शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाए।

दिल्ली दरवाजा क्षेत्र में पेयजल समस्या की शिकायत पर जलदाय विभाग को सात दिन में समाधान करने के निर्देश दिए गए। वहीं वार्ड संख्या 27 की कोली और बैरवा बस्ती में पेयजल समस्या के समाधान के लिए थ्री-फेज बोरिंग कराने का आश्वासन दिया गया।

भूगोर निवासी पारूदान सिंह की ओर से लोहे के विद्युत पोल में करंट आने की शिकायत पर विद्युत विभाग को तत्काल पोल बदलने के निर्देश दिए गए। डिफेंस एन्क्लेव क्षेत्र में सड़क निर्माण और रोड लाइट लगाने तथा वार्ड संख्या 3 में नाली, सीवरेज एवं सीसी सड़क निर्माण संबंधी शिकायतों पर यूआईटी और नगर निगम अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

डॉ. आंबेडकर मेमोरियल वेलफेयर संस्था की ओर से 37 कच्ची बस्तियों में पट्टे जारी करने की मांग पर मंत्री ने नगर निगम को आवश्यक प्रक्रियाएं पूर्ण कर नियमानुसार पट्टे जारी करने के निर्देश दिए।

जनसुनवाई के दौरान कोचिंग संस्थानों के प्रतिनिधियों ने फायर एनओसी और सुरक्षा मानकों को लेकर चल रही कार्रवाई के दौरान अधिकारियों और एक होमगार्ड द्वारा अभद्र व्यवहार किए जाने की शिकायत की। इस पर वन राज्यमंत्री ने विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए नगर निगम और यूआईटी अधिकारियों को निर्देश दिए कि संबंधित कोचिंग संस्थानों से 15 दिन के भीतर आवश्यक एनओसी प्राप्त करने का शपथ पत्र लिया जाए तथा सुरक्षा मानकों की पालना सुनिश्चित करते हुए संस्थानों का संचालन जारी रखा जा सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / मनीष कुमार