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कांग्रेस ने नीट पेपर लीक को लेकर केंद्र और राज्य सरकार को घेरा

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कांग्रेस ने नीट पेपर लीक को लेकर केंद्र और राज्य सरकार को घेरा


जयपुर, 15 मई (हि.स.)। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने नीट-2026 पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार, राज्य सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए इसे देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य के साथ गंभीर खिलवाड़ करार दिया।

प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में डोटासरा ने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनावों के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पेपर लीक को बड़ा चुनावी मुद्दा बनाया था, लेकिन सत्ता में आने के बाद भाजपा सरकार पेपर लीक माफियाओं को संरक्षण दे रही है।

डोटासरा ने कहा कि नीट-2026 परीक्षा का पेपर राजस्थान से लीक होना अत्यंत गंभीर मामला है, जिसमें भाजपा से जुड़े लोगों के नाम सामने आ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच के दौरान बड़े नेताओं को बचाने का प्रयास किया जा रहा है और राज्य सरकार इस मुद्दे को दबाने में लगी है।

उन्होंने यह भी दावा किया कि 2025 में भी नीट पेपर लीक हुआ था, लेकिन उस समय जानबूझकर एफआईआर दर्ज नहीं की गई ताकि दोषियों को बचाया जा सके।

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि लगातार तीन वर्षों से नीट परीक्षा में गड़बड़ियां सामने आ रही हैं, फिर भी केंद्र सरकार कोई ठोस सुधार नहीं कर सकी। उन्होंने मांग की कि एनटीए को तत्काल भंग किया जाए और पूरे प्रकरण की जांच संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) या सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश से कराई जाए।

डोटासरा ने आरोप लगाया कि भाजपा ने पेपर लीक को राजनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल किया, लेकिन अब जब उनके शासनकाल में लगातार पेपर लीक हो रहे हैं, तब जवाबदेही से बचा जा रहा है।

उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं के संरक्षण में पेपर माफिया फल-फूल रहा है और युवाओं की मेहनत तथा परिवारों की आर्थिक कुर्बानियों के साथ विश्वासघात किया जा रहा है।

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी सरकार से सवाल करते हुए कहा कि राजस्थान में पेपर लीक की जानकारी मिलने के बावजूद नौ दिन तक एफआईआर दर्ज नहीं होना गंभीर संदेह पैदा करता है।

उन्होंने कहा कि राज्य का कानून सख्त होने के बावजूद कार्रवाई में देरी यह दर्शाती है कि प्रभावशाली लोगों को बचाने का प्रयास हुआ।

कांग्रेस ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की और कहा कि यदि सरकार युवाओं के भविष्य को सुरक्षित नहीं कर सकती तो उसे जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।

प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि वह युवाओं के हितों की रक्षा के लिए सड़क से सदन तक संघर्ष जारी रखेगी। नीट पेपर लीक प्रकरण को लेकर कांग्रेस का यह आक्रामक रुख प्रदेश और राष्ट्रीय राजनीति में शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा प्रणाली और सरकारी जवाबदेही पर नई बहस को जन्म दे रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित