आरटीई भुगतान नहीं होने पर निजी शिक्षण संस्थाओं ने बंद रखकर किया प्रदर्शन
अजमेर, 15 जुलाई (हि.स.)। राजस्थान निजी शिक्षण संस्था संघर्ष समिति के प्रदेश व्यापी आह्वान पर बुधवार को निजी शिक्षण संस्थाएं बंद रहीं। आरटीई भुगतान नहीं होने एवं प्रवेश प्रक्रिया के बीच शिक्षा संबलन अभियान के निरीक्षण से निजी संस्थाओं के संचालकों को आ रही कठिनाई को लेकर संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने निजी संस्थाओं की मांगों का जल्द निराकरण करने की मांग कर जिला कलक्टर लोक बंधु को मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के नाम पत्र सौंपा।
संघर्ष समिति के अध्यक्ष कैलाश चंद शर्मा व संयोजक हनुमान सिंह रावत आदि ने बताया कि राजस्थान की समस्त निजी शिक्षण संस्थाओं की घोर अनदेखी एवं उपेक्षा की जा रही है। निजी विद्यालयों की प्री प्राईमरी कक्षाओं में सरकार द्वारा 25 प्रतिशत आरटीई की सीटों पर विगत वर्षों से प्रवेश दिए जा रहे है, जिसका राज्य सरकार द्वारा कोई भी भुगतान नहीं करने पर निजी विद्यालयों की आर्थिक स्थिति निरंतर दयनीय होती जा रही है। निजी विद्यालयों में प्रवेशित कक्षा 1 से 8 तक के आरटीई विद्यार्थियों का कोई भी भुगतान वर्ष पर्यन्त 2025-26 में नहीं किया गया है। जबकि आरटीई टाइम फ्रेम के अनुसार राशि का भुगतान प्रत्येक वर्ष में दो बार किया जाना चाहिए। इससे संस्थाओं का संचालन प्रभावित हो रहा है। राजस्थान के निजी शिक्षण संस्थानों से जिन आरटीई विद्यार्थियों का पुनर्भरण का भुगतान नहीं किया जा रहा है। उनके प्रवेश सम्बन्धी रख रखाव का पीएसपी पोर्टल के माध्यम से निजी संस्थाओं को भुगतान देने के लिए बाध्य किया जा रहा है। जबकी पीएसपी पोर्टल भी सही प्रकार से कार्य नहीं करता है, जिससे निजी विद्यालयों के साथ साथ आमजन को भी भारी असुविधा हो रही है। इससे प्रदेश के निजी शिक्षण संस्थानों के संचालकों में गहरा रोष है। इसी के चलते स्कूलों को बंद रख कर विरोध जताया गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष

