आयुर्वेद विश्वविद्यालय में छह दिवसीय षट्कर्म प्रायोगिक कार्यशाला 5 से
कुलगुरु ने किया कार्यशाला के पोस्टर का विमोचन
जोधपुर, 03 अक्टूबर (हि.स.)। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय के आंगिक यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ नैचुरोपैथी एंड यौगिक साइंसेज द्वारा आयोजित होने वाली प्रायोगिक कार्यशाला- षट्कर्म के पोस्टर का विमोचन कुलगुरु प्रो. वैद्य गोविंद सहाय शुक्ल के कर कमलों द्वारा किया गया।
कुलगुरु ने कहा कि षट्कर्म योग की महत्वपूर्ण शुद्धि क्रियाएं हैं। इनके सैद्धांतिक ज्ञान के साथ प्रायोगिक प्रशिक्षण से विद्यार्थियों को योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा के व्यावहारिक पक्ष को समझने में सहायता मिलेगी। उन्होंने कार्यशाला के आयोजन की सराहना करते हुए विद्यार्थियों एवं आयोजकों को शुभकामनाएं दीं। यह छह दिवसीय प्रायोगिक कार्यशाला 5 अक्टूबर से 10 अक्टूबर तक आयोजित की जाएगी।
कार्यशाला में योग की प्रमुख षट्कर्म क्रियाओं धौति, बस्ति, नेति, त्राटक, नौली एवं कपालभाति का प्रायोगिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इस अवसर पर प्राचार्य, योग एवं नैचुरोपैथी महाविद्यालय डॉ. चन्द्रभान शर्मा ने कार्यशाला के आयोजन एवं उद्देश्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों को षट्कर्म की विभिन्न क्रियाओं का व्यवस्थित एवं प्रायोगिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
पोस्टर विमोचन के अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव सोहन लाल नागौरा, डीन फैकल्टी ऑफ आयुर्वेद प्रो. गोविंद प्रसाद गुप्ता, डॉ. राकेश गुप्ता, डॉ. आरती सुवालका एवं डॉ. सतीश ठाकुर सहित अंतिम वर्ष के विद्यार्थी परमिला,कशिश,एवं हिमांशी उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश

