home page

आयुर्वेद विवि में क्षमता निर्माण एवं उद्यमिता पर विशिष्ट व्याख्यान

 | 
आयुर्वेद विवि में क्षमता निर्माण एवं उद्यमिता पर विशिष्ट व्याख्यान


जोधपुर, 22 मई (हि.स.)। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय में कुलगुरु प्रोफेसर .(वैद्य) गोविंद सहाय शुक्ल के मार्गदर्शन में आयोजित कंटीन्यूइंग कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम 2026 के अंतर्गत विशिष्ट अतिथि व्याख्यानों का आयोजन किया गया।

इसी के अन्तर्गत कार्यक्रम के प्रथम सत्र में प्रो. हरीश कुमार सिंघल ने उपचार से आगे आयुर्वेद: क्षमता निर्माण एवं उद्यमिता के उभरते आयाम विषय पर व्याख्यान देते हुए आयुर्वेद के क्षेत्र में नवाचार, स्टार्टअप, स्वरोजगार एवं उद्यमिता की संभावनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि आयुर्वेद केवल उपचार पद्धति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्वास्थ्य, वेलनेस, शोध, शिक्षा एवं हर्बल उद्योग जैसे अनेक क्षेत्रों में रोजगार एवं उद्यमिता के नए अवसर प्रदान कर रहा है। उन्होंने युवाओं एवं शिक्षकों से कौशल विकास, शोध आधारित कार्य एवं आधुनिक तकनीकों के समन्वय के माध्यम से आयुर्वेद को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने हेतु प्रेरक व्याख्यान दिया।

कार्यक्रम की इसी श्रृंखला के अगले चरण में प्रो. राजीव खन्ना ने संस्थानों के लिए क्यूसीआई एवं एनएएसी मान्यता की आवश्यकता, प्रक्रिया एवं महत्व विषय पर व्याख्यान देते हुए शैक्षणिक गुणवत्ता, पारदर्शिता, प्रशासनिक दक्षता एवं संस्थागत उत्कृष्टता के लिए मान्यता की उपयोगिता पर अपने विचार व्यक्त किए।

उन्होंने कहा कि गुणवत्ता आधारित मान्यता से संस्थानों की विश्वसनीयता एवं प्रतिष्ठा में वृद्धि होती है तथा विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को बेहतर शैक्षणिक अवसर प्राप्त होते हैं।

इस अवसर पर प्राचार्य पीजीआईए प्रो. चंदन सिंह, डीन आयुर्वेद प्रो. महेंद्र कुमार शर्मा, संजीवनी आयुर्वेद चिकित्सालय अधीक्षक प्रो. ए. नीलिमा रेड्डी, मीडिया प्रभारी प्रो. दिनेश चंद्र शर्मा, डॉ. दिनेश कुमार राय,डॉ. श्योराम शर्मा,डॉ ज्ञान प्रकाश शर्मा डॉ. चंद्रभान शर्मा एवं डॉ. अरुण दाधीच सहित आयुर्वेद, होम्योपैथिक एवं योग नेचुरोपैथी महाविद्यालय के विभिन्न संकाय सदस्य एवं स्नातकोत्तर अध्येता उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / सतीश