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अजमेर में 26 मार्च को भव्य संगीत संध्या, 25 संगीतकार देंगे प्रस्तुति

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अजमेर में 26 मार्च को भव्य संगीत संध्या, 25 संगीतकार देंगे प्रस्तुति


अजमेर, 15 मार्च (हि.स.)। अजमेर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष तथा प्रतिनिधि सांस्कृतिक संस्था सप्तक के रजत जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में 26 मार्च को एक भव्य संगीत समारोह आयोजित किया जाएगा। यह कार्यक्रम सायं 7 बजे संस्कृति द स्कूल के सभागार में होगा, जिसमें बॉलीवुड से जुड़े 25 संगीतकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। आयोजन में संगीता स्मृति सेवा संस्था का भी सहयोग रहेगा।

चैत्र नवरात्र और नवसंवत्सर के अवसर पर आयोजित इस नवसृजन समारोह में प्रार्थना गीत “इतनी शक्ति हमें देना दाता, मन का विश्वास कमजोर हो ना” के प्रसिद्ध संगीतकार कुलदीप सिंह सहित कुल 11 संगीतकारों को सम्मानित किया जाएगा। आयोजन समिति के मार्गदर्शक सुनील दत्त जैन ने बताया कि कुलदीप सिंह को ‘परम पूज्य केशव माधव सम्मान’ के तहत प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिन्ह, श्रीफल तथा 51 हजार रुपये की सम्मान राशि प्रदान की जाएगी, जबकि अन्य 10 संगीतकारों को 21-21 हजार रुपये, स्मृति चिन्ह और श्रीफल देकर सम्मानित किया जाएगा।

समारोह में फिल्मी दुनिया के प्रसिद्ध सैक्सोफोन वादक श्याम राज को ‘योगेंद्र दा सम्मान’, ठाकुर सिंह को ‘शंकर-जयकिशन सम्मान’, गिटारिस्ट अरविंद हल्दीपुर को ‘एस.डी.-आर.डी. मीरा बर्मन सम्मान’, बेस गिटारिस्ट समीर रॉय को ‘लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल सम्मान’ प्रदान किया जाएगा। इसके अलावा कांगो-तुम्बा वादक श्याम एडवंकर को ‘बाबला सम्मान’, एक्स्ट्रा परकशनिस्ट रवि इंदौरकर को ‘वनराज भाटिया सम्मान’, ड्रमर सुरेश सोनी को ‘जयदेव सम्मान’, बांसुरी वादक रंजीत नायर को ‘मनोहरि दा सम्मान’, ट्रम्पेट वादक रमेश गुरुंग को ‘आचार्य रामप्रसाद शर्मा (बाबाजी) सम्मान’ तथा की-बोर्ड प्लेयर रविंद्र कांबले को ‘सप्तक श्री सम्मान’ से अलंकृत किया जाएगा।

संगीतकार कुलदीप सिंह को हिंदी फिल्म साथ-साथ, फिर आई बरसात और ट्रेन टू पाकिस्तान सहित कई फिल्मों में दिए गए अपने संगीत के लिए जाना जाता है। फिल्म साथ-साथ में जगजीत सिंह द्वारा गाया गया गीत “तुमको देखा तो ख्याल आया” आज भी संगीत प्रेमियों के बीच बेहद लोकप्रिय है। उन्होंने टेलीफिल्म और धारावाहिकों जैसे नुक्कड़, इंतजार, सर्कस, डिस्कवरी ऑफ इंडिया और चित्रहार में भी यादगार संगीत दिया है।

इसके अलावा उन्होंने मराठी फिल्म हसराई तथा मीराबाई, कबीर दास, दुष्यंत कुमार और कैफी आज़मी जैसे कवियों और संतों की रचनाओं को भी संगीतबद्ध किया है। शबाना आज़मी और जावेद अख्तर के प्रोडक्शन में बने थिएटर प्रस्तुति कैफी और मैं को भी उन्होंने अपने संगीत से यादगार बनाया।

80 वर्ष की आयु में भी कुलदीप सिंह जंग-ए आजादी, गुरु नानक देव, संत नामदेव तथा ‘पंच महाभूत’ जैसे प्रकल्पों के लिए संगीत सृजन में सक्रिय हैं। उन्हें पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल द्वारा संगीत नाटक अकादमी सम्मान तथा मध्य प्रदेश सरकार द्वारा लता मंगेशकर सम्मान से भी सम्मानित किया जा चुका है।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विजय होंगे, जबकि विशिष्ट अतिथि समाजसेवी हनुमान दयाल बंसल रहेंगे। संस्था के अध्यक्ष ललित चतुर्वेदी और महासचिव वर्तिका शर्मा ने बताया कि यह समारोह संगीत प्रेमियों के लिए एक यादगार सांस्कृतिक संध्या साबित होगा।

इस आयोजन की तैयारियों को लेकर 14 मार्च को केशव नगर में बैठक आयोजित की गई, जिसमें संस्था के मार्गदर्शक डॉ. रमेश अग्रवाल, संरक्षक नटवर गोपाल गोयल सहित अनेक पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष