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अजमेर जिले में प्राचीन पांडुलिपि विरासत का होगा व्यापक सर्वेक्षण

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अजमेर जिले में प्राचीन पांडुलिपि विरासत का होगा व्यापक सर्वेक्षण


अजमेर, 28 अप्रैल (हि.स.)। भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा संचालित ‘पांडुलिपि परियोजना ज्ञान भारतम् मिशन’ के अंतर्गत अजमेर जिले में प्राचीन पांडुलिपियों, हस्तलिखित दस्तावेजों एवं ऐतिहासिक अभिलेखों के सर्वेक्षण, संरक्षण और डिजिटाइजेशन का विशेष अभियान शुरू किया गया है।

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान निर्देश दिए गए कि 75 वर्ष से अधिक पुरानी अथवा 10वीं से 15वीं शताब्दी के मध्य की महत्वपूर्ण पांडुलिपियों का मार्च से मई के बीच संग्रहण कर उन्हें निर्धारित पोर्टल पर अपलोड किया जाए।

जिला कलक्टर लोकबंधु ने बताया कि ज्ञान भारतम् मिशन का उद्देश्य भारत की समृद्ध ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी पांडुलिपियों का व्यवस्थित सर्वेक्षण कर उनका संरक्षण करना है। इसके तहत जिले एवं ब्लॉक स्तर पर सर्वेयर नियुक्त किए गए हैं, जो विभिन्न धार्मिक, शैक्षणिक और ऐतिहासिक स्थलों पर उपलब्ध प्राचीन दस्तावेजों की खोज करेंगे।

अभियान के अंतर्गत मंदिर एवं मठ, दरगाह एवं आश्रम, पुष्कर क्षेत्र के प्राचीन मंदिर, संस्कृत एवं राजकीय महाविद्यालय, गुरुकुल एवं शोध संस्थान, प्राचीन पुस्तकालय, निजी संग्रहकर्ता एवं सामाजिक संस्थाएं, जैसे सभी स्थानों पर उपलब्ध प्राचीन पांडुलिपियों एवं ऐतिहासिक दस्तावेजों का सत्यापन कर उन्हें डिजिटाइजेशन प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा।

इस दौरान पृथ्वीराज चौहान, शाहजहां, जहांगीर जैसे ऐतिहासिक व्यक्तित्वों से संबंधित अभिलेख, दस्तावेज और पांडुलिपियां भी इस विशेष अभियान का हिस्सा होंगी। यह परियोजना केवल सरकारी संस्थानों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि निजी परिवारों, संग्रहालयों, पुस्तकालयों और शोध संस्थानों के पास संरक्षित धरोहरों को भी इसमें शामिल किया जाएगा।

परियोजना के प्रभावी संचालन के लिए अतिरिक्त जिला कलक्टर (शहर) नरेंद्र मीणा को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। वे सभी विभागों के समन्वय, सत्यापन और सूचना संकलन की निगरानी करेंगे। जिला कलक्टर ने नागरिकों, स्वयंसेवकों और संस्थाओं से अपील की है कि यदि उनके पास कोई प्राचीन हस्तलिखित दस्तावेज, पांडुलिपि या ऐतिहासिक अभिलेख है, तो उसकी जानकारी जिला प्रशासन को उपलब्ध कराएं।

जिला प्रशासन के अनुसार यह पहल केवल दस्तावेज एकत्रीकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि भारतीय सांस्कृतिक पहचान, ऐतिहासिक चेतना और प्राचीन ज्ञान परंपरा को सुरक्षित रखने का व्यापक प्रयास है।

ज्ञान भारतम् मिशन के माध्यम से अजमेर जिले की ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित कर आने वाली पीढ़ियों के लिए डिजिटल रूप में सुरक्षित रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित