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पंजाब के छह जिलों में बिजली कटौती से मचा घमासान, जनता परेशान

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- विपक्ष ने सरकार को

घेरा, मंत्री बोले सिस्टम अपग्रेड करना जरूरी

चंडीगढ़, 22 अप्रैल (हि.स.)। पंजाब के

शहरों में बुधवार से शुरू हुए बिजली कटों को लेकर राज्य की सियासत गरमा गई है।

पंजाब के छह जिलों में आज से बिजली के कट शुरू हुए हैं। यह कट आगामी 26 अप्रैल तक

चलेंगे। राज्य सरकार की तरफ से मंगलवार को इस संबंध में सभी समाचार पत्रों में इश्तिहार

जारी करके बिजली कटों का कार्यक्रम जारी किया गया है। अधिकारिक रूप से यह कट आठ से

दस घंटे तक लगेंगे।

पंजाब सरकार ने पीएसपीसीएल

के माध्यम से कहा है कि लुधियाना, जालंधर, अमृतसर, मोहाली, बठिंडा तथा पटियाला में

26 अप्रैल तक बिजली कट लगाए जाएंगे। कट की अवधि कम से कम आठ घंटे रखी गई है। इसके लिए पावरकॉम ने

बिजली डिस्ट्रिब्यूशन में सुधार और मॉडर्नाइजेशन का हवाला दिया है। पंजाब में

लगातार गर्मी बढ़ रही है और मौसम विभाग ने 3 दिन के लिए हीटवेव

का यलो अलर्ट जारी किया है। 21 जिलों में तापमान 35 पार हो चुका है। बिजली कटों से परेशान लोग सड़कों पर उतरकर विरोध कर

रहे हैं। बीती रात अमृतसर में बिजली कट से परेशान होकर लोग देर रात

को बिजली घर में घुस गए। उन्होंने बिजली घर का गेट तोड़ दिया और खुद ही बिजली

सप्लाई चालू कर दी। मुलाजिमों ने रोकने की कोशिश की तो उनके साथ भी धक्कामुक्की

की। बुधवार से यह कट नियमित रूप से लगने शुरू हो गए हैं।

बिजली कटों से जहां

जनता परेशान हो रही है वहीं विपक्ष ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। अकाली दल

प्रवक्ता एनके शर्मा ने कहा कि पंजाब सरकार की गलत नीतियों के कारण राज्य में

बिजली संकट गहरा गया है। अकाली दल की सरकार में पंजाब बिजली उत्पादन के मामले में

सरप्लस स्टेट था लेकिन आज हालात यह हैं कि बिजली महंगे दामों पर खरीदी जा रही है। कट को लेकर बिगड़ते

हालात के बीच पंजाब के बिजली मंत्री संजीव अरोड़ा सामने आए। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर

लिखा कि पीएसपीसीएल द्वारा घोषित नियोजित बिजली कटौती का

उद्देश्य सिस्टम अपग्रेड के माध्यम से बिजली आपूर्ति में सुधार करना है। इससे होने

वाली असुविधा के लिए खेद है, लेकिन ये सुधार लंबे समय में

उपभोक्ताओं के लिए काफी लाभकारी साबित होंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा