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पंजाब में अब हेल्पलाइन 1930 के माध्यम से दर्ज होगी साइबर क्राइम पर जीरो एफआईआर

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चंडीगढ़, 29 जुलाई (हि.स.)। पंजाब पुलिस ने 5 लाख रुपये से अधिक के धोखाधड़ी वाले लेन-देन से संबंधित साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों के लिए ई-ज़ीरो एफआईआर प्रणाली शुरू की है।

पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव के मंगलवार को स्टैंडिंग ऑर्डर जारी करने के बाद ई-ज़ीरो एफआईआर प्रणाली शुरू कर दी गई है। राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) या राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 के माध्यम से दर्ज की गई साइबर वित्तीय धोखाधड़ी शिकायतों को स्वत: ई-ज़ीरो एफआईआर में परिवर्तित कर दिया जाएगा। इसके बाद त्वरित जांच के लिए अपराध एवं आपराधिक ट्रैकिंग नेटवर्क और प्रणाली (सीसीटीएनएस) के माध्यम से संबंधित जिलों या पुलिस आयुक्तालयों के साइबर अपराध पुलिस स्टेशन को इलेक्ट्रॉनिक रूप से भेजा जाएगा।

पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि स्टैंडिंग ऑर्डर के अनुसार, 1 करोड़ रुपये या उससे अधिक की साइबर वित्तीय धोखाधड़ी से संबंधित शिकायतों को पंजीकरण और जांच के लिए मोहाली के राज्य साइबर अपराध पुलिस स्टेशन भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि यह नई प्रणाली एफआईआर के पंजीकरण में होने वाली विलंब को समाप्त करने और साइबर धोखाधड़ी में उपयोग किए गए बैंक खातों, डिजिटल वॉलेट और अन्य भुगतान साधनों को फ्रीज करने, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य एकत्र करने, वित्तीय मध्यस्थों के साथ समन्वय स्थापित करने और धोखाधड़ी वाली राशि की अधिकतम वसूली के लिए त्वरित जांच शुरू करने हेतु तैयार की गई है।

डीजीपी ने आगे कहा कि साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के बाद पहले कुछ घंटे धनराशि का पता लगाने और उसे फ्रीज करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। स्वचालित पंजीकरण की सुविधा प्रदान करके, ई-ज़ीरो एफआईआर प्रणाली जांच अधिकारियों को बिना किसी प्रक्रियात्मक विलंब के आवश्यक कानूनी और तकनीकी उपाय सुनिश्चित करने में सक्षम बनाती है।

विशेष डीजीपी साइबर अपराध वी नीरजा ने कहा कि यह प्रणाली राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी), साइबर अपराध हेल्पलाइन (1930), सीसीटीएनएस, बैंकों, वित्तीय संस्थानों, दूरसंचार सेवा प्रदाताओं, मध्यस्थों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच समन्वय को मजबूत बनाती है, जिससे साइबर वित्तीय धोखाधड़ी से निपटने के लिए त्वरित और अधिक प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी। विशेष डीजीपी ने नागरिकों से बिना किसी देरी के साइबर वित्तीय धोखाधड़ी की रिपोर्ट राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 या एनसीआरपी पोर्टल पर करने की अपील की। उन्होंने कहा कि तत्काल रिपोर्टिंग से धोखाधड़ी वाले लेन-देन को फ्रीज करने और धोखाधड़ी वाली राशि की वसूली की संभावना बढ़ जाती है।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा