चंडीगढ़ में उबर और रैपिडो के लाइसेंस छह महीने के लिए निलंबित, कैब-बाइक टैक्सी सेवाओं पर रोक
- नियमों का पालन न करने पर प्रशासन की कार्रवाई, ओला और इनड्राइव के बाद चारों प्रमुख कैब एग्रीगेटर निलंबित
चंडीगढ़, 08 सितंबर (हि.स.)। चंडीगढ़ प्रशासन ने मंगलवार को उबर इंडिया सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड और रैपिडो (रोपेन ट्रांसपोर्टेशन सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड) के एग्रीगेटर लाइसेंस तत्काल प्रभाव से छह महीने के लिए निलंबित कर दिए। इस कार्रवाई के बाद दोनों कंपनियां मार्च 2027 तक केंद्र शासित प्रदेश में कैब और बाइक टैक्सी सेवाएं संचालित नहीं कर सकेंगी।
प्रशासन के इस फैसले के साथ ट्राइसिटी में सेवाएं देने वाले चार प्रमुख कैब एग्रीगेटर ओला, इनड्राइव, उबर और रैपिडो अब निलंबन के दायरे में हैं। ओला और इनड्राइव पर क्रमशः जून और अगस्त में रोक लगाई गई थी। फिलहाल सहकारी टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड की भारत टैक्सी शहर में प्रमुख विकल्प के रूप में उपलब्ध है।
राज्य परिवहन प्राधिकरण के सचिव एवं लाइसेंसिंग अधिकारी नितीश सिंगला की ओर से जारी अलग-अलग आदेशों में चंडीगढ़ प्रशासन मोटर वाहन एग्रीगेटर नियम, 2025 के नियम 17 के तहत कार्रवाई की गई है। आदेशों के अनुसार, दोनों कंपनियों को चालक स्वास्थ्य एवं सावधि बीमा, प्रशिक्षण और निर्धारित किराया व्यवस्था से संबंधित नियमों का पालन करने के लिए बार-बार नोटिस और सुनवाई के अवसर दिए गए थे।
प्रशासन के आदेश के अनुसार, उबर से पहली बार 8 जुलाई 2025 को अनुपालन रिपोर्ट मांगी गई थी और असंतोषजनक जवाब के बाद 10 अक्टूबर 2025 को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। मई 2026 में तीन निरीक्षणों के दौरान सेक्टर-47सी स्थित कंपनी का स्थानीय कार्यालय बंद पाया गया।
आदेश में कहा गया है कि उबर ने 7 जुलाई 2025 को अधिसूचित किराया दरें लागू नहीं कीं और निर्धारित दर से अधिक किराया वसूलने के मामले सामने आए। चालक संगठनों ने सदस्यता या रिचार्ज मॉडल लागू किए जाने तथा गैर-व्यावसायिक वाहनों को मंच से जोड़ने की शिकायतें भी की थीं।
रैपिडो के संबंध में प्रशासन ने पाया कि बाइक टैक्सी चालकों का बीमा कवर निर्धारित नियमों के अनुरूप नहीं था। सेक्टर-32डी स्थित कंपनी का कार्यालय भी मई में तीन निरीक्षणों के दौरान बंद मिला। आदेश में सदस्यता मॉडल, अधिक किराया वसूली और गैर-व्यावसायिक वाहनों को जोड़ने संबंधी शिकायतों का भी उल्लेख है।
चारों प्रमुख सेवाओं के निलंबन से ऐप आधारित कैब और बाइक टैक्सी पर निर्भर यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। शहर में पहले से किराये और एग्रीगेटर कमीशन को लेकर चालकों का असंतोष बना हुआ है। ऐसे में प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद कैब उपलब्धता और परिवहन के वैकल्पिक साधनों को लेकर चिंता बढ़ गई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / GURSHARAN SINGH

