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सतलुज में प्रदूषण फैलाने पर बद्दी-नालागढ़ की औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ केस

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- विधायक दिनेश चड्ढा की शिकायत पर सिटी रोपड़ पुलिस ने की कार्रवाई

रूपनगर, 23 अगस्त (हि.स.)। सतलुज नदी में कथित तौर पर केमिकल युक्त औद्योगिक कचरा पहुंचने के मामले में सिटी रोपड़ पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया है। यह मामला रूपनगर से आम आदमी पार्टी के विधायक दिनेश चड्ढा की शिकायत पर दर्ज किया गया है।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि हिमाचल प्रदेश के बद्दी-नालागढ़ औद्योगिक क्षेत्र से निकलने वाला प्रदूषित पानी सिरसा नदी के जरिए सतलुज तक पहुंच रहा है। पुलिस ने हिमाचल के बद्दी-नालागढ़ क्षेत्र की अज्ञात औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इस केस में किसी विशेष व्यक्ति का नाम शामिल नहीं किया गया है। संदिग्ध आरोपियों का उल्लेख सामान्य रूप से बद्दी और नालागढ़ क्षेत्र की फैक्ट्रियों से जुड़े व्यक्तियों के रूप में किया गया है।

विधायक दिनेश चड्ढा ने आरोप लगाया कि रूपनगर हेडवर्क्स के पास सतलुज में बड़ी मात्रा में केमिकल आधारित कचरा जमा हुआ है। उनका कहना है कि इसका स्रोत हिमाचल प्रदेश का बद्दी-नालागढ़ औद्योगिक क्षेत्र है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि प्रदूषण से पेयजल आपूर्ति, जलीय जीवों और रूपनगर के लोगों के स्वास्थ्य को खतरा हो सकता है।

इधर, पर्यावरणविद कर्नल (सेवानिवृत्त) जसजीत सिंह गिल ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को पत्र लिखकर हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री के साथ इस मुद्दे पर तत्काल बैठक करने की मांग की है। उन्होंने पंजाब सरकार से यह भी कहा है कि हिमाचल से पंजाब में प्रवेश करने वाले प्रमुख जल स्रोतों पर रियल-टाइम प्रदूषण मॉनिटरिंग सेंसर लगाए जाएं, विशेषकर घनौली क्षेत्र में जहां सिरसा नदी पंजाब में प्रवेश करती है।

पर्यावरण संबंधी अध्ययनों में भी सिरसा नदी में फार्मास्यूटिकल कंपाउंड्स, भारी धातुओं और अन्य औद्योगिक प्रदूषकों की मौजूदगी को लेकर चिंता जताई गई है। अब पुलिस और प्रदूषण नियंत्रण एजेंसियों की जांच से यह स्पष्ट होगा कि प्रदूषण के वास्तविक स्रोत कौन से हैं और जिम्मेदारी किसकी बनती है।

हिन्दुस्थान समाचार / GURSHARAN SINGH