सुखबीर बादल का बड़ा आरोप - 'वारिस पंजाब दे' ने आआपा से किया समझौता, पंथक वोट बांटने की साजिश
लुधियाना, 26 सितंबर (हि.स.)। शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने पंजाबियों से ‘वारिस पंजाब दे’ और उसके नेता मनप्रीत सिंह अयाली से सावधान रहने की अपील की है। उन्होंने आरोप लगाया कि अयाली ने आम आदमी पार्टी को लाभ पहुंचाने के लिए पंथक वोटों को विभाजित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ समझौता किया है।
दाखा विधानसभा क्षेत्र में छपार मेले के दौरान अकाली दल की जनसभा को संबोधित करते हुए बादल ने दावा किया कि इसी समझौते के तहत आम आदमी पार्टी ने मेले में अपनी राजनीतिक कांफ्रेंस आयोजित नहीं की और अपने समर्थकों को वारिस पंजाब दे की सभा में भेजा। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद वारिस पंजाब दे का सम्मेलन अकाली दल की सभा के मुकाबले आधा भी नहीं था। बादल ने आगामी विधानसभा चुनाव में दाखा से अकाली दल के उम्मीदवार जसकरण सिंह दियोल को समर्थन देने की अपील भी की।
मनप्रीत अयाली पर आरोप लगाते हुए बादल ने कहा कि उन्होंने अपने कारोबार और राजनीतिक भविष्य को बचाने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ समझौता किया है। उन्होंने अवंता ग्रीन्स कॉलोनी के निर्माण और नियमितीकरण में कथित अनियमितताओं तथा लैंड पूलिंग योजना से अपनी जमीन बाहर करवाने के आरोप लगाए। बादल ने कहा कि अकाली दल की सरकार बनने पर इन मामलों की जांच और कार्रवाई की जाएगी।
बादल ने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री कार्यालय से वारिस पंजाब दे को आर्थिक सहायता दी जा रही है और मंडी बोर्ड के एक मुख्य अभियंता के माध्यम से संगठन को हर महीने करोड़ों रुपये दिए जा रहे हैं। उन्होंने लुधियाना में अयाली को कथित तौर पर राजनीतिक और प्रशासनिक संरक्षण मिलने तथा स्थानीय चुनावों में पुलिस शक्ति के इस्तेमाल के भी आरोप लगाए।
अवैध रेत खनन के मुद्दे पर बादल ने पंजाब में कथित बहु-करोड़ रुपये के खनन घोटाले की स्वतंत्र जांच की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि अवैध खनन से प्राप्त धन आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि अकाली दल की सरकार बनने पर कथित अनियमितताओं में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इस दौरान बादल ने अकाली दल की सरकार बनने पर कई घोषणाएं भी कीं। उन्होंने एक साल के भीतर तीन लाख सरकारी रिक्त पद भरने, बाहरी लोगों को सरकारी नौकरियां देने संबंधी कानून में बदलाव, उद्योगों के लिए 75 प्रतिशत रोजगार पंजाबियों को देना और युवाओं को कारोबार शुरू करने के लिए 10 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त कर्ज देने की बात कही।
उन्होंने शगुन योजना की राशि बढ़ाकर एक लाख रुपये, वृद्धावस्था पेंशन 3,100 रुपये प्रतिमाह करने, आटा-दाल योजना के तहत 50 किलो गेहूं देने और ट्यूबवेल कनेक्शन से वंचित किसानों को कनेक्शन उपलब्ध कराने की भी घोषणा की।
इस अवसर पर बिक्रम सिंह मजीठिया, शरणजीत सिंह ढिल्लों, रंजीत सिंह ढिल्लों, चांद सिंह डल्ला, भूपिंदर सिंह भिंदा, परउपकार सिंह घुम्मण, हरप्रीत सिंह सिमक, अमित गोसाईं, मनजीत सिंह मदनीपुर, एस.आर. कलेर और गुरचरन सिंह ग्रेवाल सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / GURSHARAN SINGH

