कनाडा भेजी गईं पावन बीड़ों को लेकर भ्रामक प्रचार से संगतें रहें सावधान : एसजीपीसी
- पूरी मर्यादा और सम्मान के साथ भेजे गए श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पावन स्वरूप: बलविंदर सिंह काहलवां
अमृतसर, 12 जुलाई (हि.स.)। श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पावन बीड़ों को कनाडा भेजने के मामले में सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर किए जा रहे कथित भ्रामक प्रचार पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। एसजीपीसी के सचिव बलविंदर सिंह काहलवां ने कहा कि कुछ लोग जानबूझकर संगतों में भ्रम पैदा कर रहे हैं और सिख संस्था की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है।
काहलवां ने स्पष्ट किया कि कनाडा की संगतों और वहां की गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटियों की लंबे समय से चली आ रही धार्मिक जरूरत को ध्यान में रखते हुए श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पावन बीड़ें पूरी मर्यादा के अनुसार पालकी साहिब में सुशोभित कर कनाडा भेजी गई हैं। उन्होंने कहा कि इस पूरी प्रक्रिया में गुरमर्यादा, सम्मान और पंथक परंपराओं का पूरा ध्यान रखा गया है।
उन्होंने बताया कि इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया, बैंकॉक सहित कई देशों से पावन स्वरूपों की मांग पहले भी आती रही है। ऐसी मांगों को एसजीपीसी की अंतरिंग कमेटी की मंजूरी और पांच सिंह साहिबानों की बैठक में पारित मर्यादा के अनुसार ही पूरा किया जाता है। कनाडा के सरी, बी.सी. स्थित श्री गुरु सिंह सभा गुरुद्वारा एसोसिएशन की मांग पर भी अंतरिंग कमेटी की 28 जुलाई 2025 की बैठक में प्रस्ताव संख्या 798 के तहत मंजूरी मिलने के बाद ही पावन स्वरूप भेजे गए।
काहलवां ने कहा कि पावन बीड़ें भेजने से पहले एसजीपीसी सदस्य भाई रजिंदर सिंह मेहता ने कनाडा जाकर वहां किए गए प्रबंधों का निरीक्षण किया था। इसके अलावा एसजीपीसी अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी के निर्देशों पर अंतरिंग कमेटी सदस्य बीबी हरजिंदर कौर ने भी संबंधित गुरुद्वारा साहिब पहुंचकर प्रबंधों पर संतोष जताया।
एसजीपीसी सचिव ने इस आरोप को पूरी तरह खारिज किया कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पावन बीड़ों को लेकर किसी प्रकार का व्यापार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह प्रचार पूरी तरह झूठा और बेबुनियाद है। पावन स्वरूप संगतों की जरूरत और मांग के आधार पर पूरी जांच के बाद भेंट रहित दिए जा रहे हैं। उन्होंने संगतों से अपील की कि सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों से सावधान रहें और किसी भी जानकारी को सच मानने से पहले उसकी जांच जरूर करें। काहलवां ने कहा कि एसजीपीसी श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के सम्मान, गुरमर्यादा और पंथक परंपराओं की रक्षा के लिए पूरी तरह वचनबद्ध है।
हिन्दुस्थान समाचार / GURSHARAN SINGH

