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पंजाब यूनिवर्सिटी की वीसी चयन प्रक्रिया में सिख उम्मीदवारों की अनदेखी, महेशिंदर ग्रेवाल ने जताई चिंता

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पंजाब यूनिवर्सिटी की वीसी चयन प्रक्रिया में सिख उम्मीदवारों की अनदेखी, महेशिंदर ग्रेवाल ने जताई चिंता


चंडीगढ़, 07 जुलाई (हि.स.)। शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री महेशइंदर सिंह ग्रेवाल ने पंजाब यूनिवर्सिटी के कुलपति की नियुक्ति के लिए साक्षात्कार प्रक्रिया से सिख उम्मीदवारों को बाहर रखे जाने पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि आवेदकों में से कई प्रख्यात विद्धान और अनुभवी शैक्षणिक प्रशासक होने के बावजूद किसी भी सिख आवेदक को साक्षात्कार के लिए आमंत्रित नहीं किया गया।

महेशइंदर सिंह ग्रेवाल ने 3 जुलाई को शुरू हुई अंतःक्रिया प्रक्रिया में समावेशिता, निष्पक्षता और पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि शाॅर्टलिस्ट किए गए आवेदकों में सिख उम्मीदवारों की अनदेखी से यह दुर्भाग्यपूर्ण धारणा पैदा हुई है कि सिख समुदाय के योग्य सदस्यों की उपेक्षा की गई है।

वरिष्ठ अकाली नेता ने कहा कि प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों के कई सेवारत और पूर्व कुलपतियों के साथ-साथ अकादमिक और प्रशासनिक योग्यताओं से संपन्न प्रख्यात सिख शिक्षाविदों ने इस पद के लिए आवेदन किया था।

उन्होंने कहा कि इन सभी उम्मीदवारों को साक्षात्कार चरण से बाहर करने के लिए शाॅर्टलिस्ट के मानदंडों के संबंध में स्पष्टीकरण देना बेहद जरूरी है।

सरदार ग्रेवाल ने कहा कि इस घटनाक्रम ने नियुक्तियों में समान अवसर और पारदर्शिता को लेकर जायज चिंता पैदा कर दी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि चयन प्रक्रिया को किसी भी तरह के पक्षपात की आशंका से मुक्त होना चाहिए और सभी हितधारकों का इसमें विश्वास होना चाहिए।

पंजाब यूनिवर्सिटी की विरासत के अकाली नेता ने कहा कि यह संस्थान लंबे समय से अपनी शैक्षणिक उत्कृष्टता, विविधता और समावेशी चरित्र के लिए जाना जाता है।

उन्होंने कहा कि कुलपति की नियुक्ति इन मूल्यों को प्रतिबिंबित करते हुए होनी चाहिए और पूरी तरह से योग्यता के आधार पर होनी चाहिए। अकाली नेता ने संबंधित अधिकारियों से कुलपति चयन प्रक्रिया पारदर्शी, निष्पक्ष, और योग्यता के आधार पर सुनिश्चित करने का आग्रह किया, ताकि संस्थान और उसके संचालन में जनता का भरोसा बना रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / GURSHARAN SINGH