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पंजाब में ट्रैफिक चालानों में बंपर बढ़ोतरी, वसूली में पीछे

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चंडीगढ़, 22 अगस्त (हि.स.)। पंजाब में ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर जारी होने वाले चालानों की संख्या में पिछले कुछ वर्षों में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2021 में जहां 53,973 चालान जारी किए गए थे, वहीं 2025 में यह संख्या बढ़कर 20.47 लाख तक पहुंच गई। वर्ष 2026 में 6 अगस्त तक ही 41.38 लाख से अधिक चालान जारी किए जा चुके हैं।

हालांकि चालानों की संख्या बढ़ने के बावजूद राजस्व वसूली उसी अनुपात में नहीं बढ़ी है। परिवहन ई-चालान प्लेटफॉर्म के आंकड़ों के मुताबिक, 2024 में प्रति चालान औसत वसूली करीब 1,370 रुपये थी, जो 2025 में घटकर 601 रुपये और 2026 में अब तक केवल 118 रुपये रह गई है।

वर्ष 2021 में 53,973 चालानों से 5.3 करोड़ रुपये की वसूली हुई थी। 2022 में चालानों की संख्या घटकर 51,876 रही, जबकि 2023 में यह 72,790 तक पहुंच गई। इसके बाद 2024 में अचानक बड़ी बढ़ोतरी हुई और 3.98 लाख चालान काटे गए, जिनसे 54.53 करोड़ रुपये का राजस्व मिला।

वर्ष 2025 में पंजाब में 20,46,881 चालान जारी हुए और 123.04 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड वसूली हुई। लेकिन 2026 में 1 जनवरी से 6 अगस्त तक 41,37,775 चालान जारी होने के बावजूद केवल 49.02 करोड़ रुपये ही जमा हो सके।

आंकड़ों के अनुसार, 2021 से 2025 के बीच चालानों की संख्या में सालाना औसत वृद्धि करीब 148 प्रतिशत रही। इस अवधि समेत उपलब्ध आंकड़ों में पंजाब में कुल 67.61 लाख चालान दर्ज हुए और लगभग 244.28 करोड़ रुपये की वसूली हुई।

तेजी से बढ़ते ई-चालानों के कारण राष्ट्रीय स्तर पर पंजाब की रैंकिंग भी सुधरी है। 2021 में पंजाब राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 28वें स्थान पर था। 2024 में यह 23वें, 2025 में 14वें और 2026 में अब तक 13वें स्थान पर पहुंच गया है।

ऑटोमेटेड सिस्टम के कारण चालान तेजी से जनरेट हो रहे हैं, लेकिन उनकी वसूली वाहन चालकों द्वारा भुगतान, नोटिस की प्रक्रिया और अदालत या लोक अदालत में लंबित मामलों के निपटारे पर निर्भर करती है।

अगर मौजूदा रफ्तार जारी रहती है तो 2026 के अंत तक पंजाब में चालानों की संख्या करीब 69 लाख तक पहुंच सकती है। हालांकि मौजूदा वसूली दर के हिसाब से राजस्व करीब 82 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जो 2025 में हुई 123.04 करोड़ रुपये की वसूली से कम होगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / GURSHARAN SINGH