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आआपा के संरक्षण में चल रहे जमीन और प्राॅपर्टी डीलरों के नेटवर्क की हो समयबद्ध जांच : शिरोमणि अकाली दल

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चंडीगढ़, 09 मई (हि.स.)। शिरोमणी अकाली दल ने पंजाब में राजनीतिक संरक्षण में चल रहे जमीन, बिजली, आवास और प्राॅपर्टी डीलरों के गठजोड़ की समयबद्ध जांच की मांग की है। शनिवार को चंडीगढ़ में जारी बयान में अकाली दल के वरिष्ठ नेता सरदार बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा की गिरफ्तारी ने राज्य में सक्रिय वित्तीय अनियमितताओं के नेटवर्क का पर्दाफाश कर दिया है। उन्होने कहा कि जीएसटी धोखाधड़ी, दुबई में अवैध मनी ट्रांसफर और संदिग्ध जमीन के लेन-देन से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति की कड़ी जांच की जानी चाहिए।

संजीव अरोड़ा पर लगे गंभीर आरोपों का हवाला देते हुए वरिष्ठ अकाली नेता ने कहा कि किसानों को इन आरोपों का जवाब मिलना चाहिए कि उनकी जमीनों को बहुत ही सस्ते रेटों पर खरीदा गया और सांठ-गांठ के जरिए बड़े पैमाने पर मुनाफे पर बेचा गया। उन्होने कहा कि ऐसा लगता है कि अरोड़ा मुख्यमंत्री भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल के लिए फंड जुटाने और मनी एक्सचेंजर के रूप में काम कर रहे थे।

उन्होने कहा कि राज्य से लूटे गए पैसे की जांच की जानी चाहिए और एक-एक रूपया वसूला जानी चाहिए। उन्होने यह भी कहा कि पंजाब को भ्रष्टाचार, बिचैलियों और राजनीतिक संरक्षण का अडडा बिल्कूल नही बनने दिया जा सकता।

मजीठिया ने कहा कि यदि स्टेट विजिलेेंस विपक्ष के नेताओं के खिलाफ कार्रवाई कर सकती है , तो यही कानून सत्ताधारी पार्टी के नेताओं और उनके सहयोगियों पर समान रूप से लागू होना चाहिए।

मजीठिया ने मोहाली में दो दिन पहले छापेमारी में बड़े पैमाने पर धन के जब्त होने के मद्देनजर मुख्यमंत्री के ओएसडी राजबीर घुम्मण, नितिन गोहल और प्रीतपाल सिंह ढ़ींढ़सा के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किए जाने की मांग की है। उन्होने कहा कि नितिन और प्रीतपाल बिचैलिए के रूप में काम कर रहे है और बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के लिए स्पष्ट रूप से जिम्मेदार हैं। उन्होने कहा कि राजबीर घुम्मण पहले ही गायब हो चुके हैं और नितिन और प्रीतपाल देश छोड़कर भाग न जाएं यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा