महज छह माह राज्यसभा में रहे राजिंद्र गुप्ता, भाजपा में शामिल
चंडीगढ़, 24 अप्रैल (हि.स.)। आम आदमी पार्टी (आआपा) के राज्यसभा सांसदों द्वारा पार्टी से इस्तीफा दिए जाने के बाद सीधा असर पंजाब की राजनीति पर पड़ा है। पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। इसकी तैयारियां अभी से शुरू हो चुकी हैं। वर्ष 2022 में सत्ता संभालने वाली आम आदमी पार्टी ने विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों को राज्य सभा में भेजा था।
पार्टी ने संजीव अरोड़ा के स्थान पर ट्राईडेंट ग्रुप के मालिक राजिंद्र गुप्ता को 24 अक्टूबर, 2025 को राज्य सभा में भेजा था। वहीं 10 अप्रैल, 2022 को शिक्षा विद एवं लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के संस्थापक अशोक मित्तल, पेशे से सीए एवं पार्टी के मुख्य रणनीतिकार रहे राघव चढ्ढा, पंजाब में चुनाव प्रचार अभियान संभालने वाले संदीप पाठक, क्रिकेटर हरभजन सिंह तथा उद्योगपति संजीव अरोड़ा को राज्यसभा भेजा गया था।
इसके बाद 5 जुलाई, 2022 को समाजसेवी विक्रमजीत साहनी तथा पर्यावरण संरक्षक संत बलवीर सिंह सीचेवाल को राज्यसभा भेजा गया। राज्यसभा सांसद संजीव अरोड़ा ने पिछले साल लुधियाना उपचुनाव लड़ा और वह इस समय पंजाब में कैबिनेट मंत्री हैं। उक्त सांसदों का कार्यकाल वर्ष 2028 में समाप्त हाेगा। सात में से छह राज्यसभा के सांसद पार्टी छोड़ चुके हैं।
पंजाब में ऐसा घटनाक्रम पहली बार हुआ है। पंजाब के सभी राजनीतिक दल चुनावी मोड पर आ गए हैं। ऐसे में छह राज्य सभा सांसदों द्वारा पार्टी छोड़ने से पार्टी की साख को धक्का लगा है।
इस डैमेज कंट्रोल के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने फील्ड में उतरने का ऐलान कर दिया है। अब एक तरफ जहां भगवंत मान, मनीष सिसोदिया तथा अरविंद केजरीवाल डैमेज कंट्रोल करते नजर आएंगे, वहीं दूसरी तरफ से पार्टी छोड़ने वाले सांसद भाजपा की तरफ से पंजाब में उतर सकते हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

