पंजाब में फार्मास्यूटिकल ड्रग्स बनी नई चुनौती, हेरोइन की उपलब्धता में गिरावट का दावा
- एंटी-ड्रोन सिस्टम, बीएसएफ तालमेल और निगरानी तंत्र से सीमा पार तस्करी पर शिकंजा
चंडीगढ़, 13 सितंबर (हि.स.)। पंजाब पुलिस ने दावा किया है कि पाकिस्तान से लगती अंतरराष्ट्रीय सीमा के जरिए होने वाली हेरोइन तस्करी पर सख्त कार्रवाई के बाद राज्य में नशा तस्करी का पैटर्न तेजी से बदल रहा है। अब फार्मास्यूटिकल ड्रग्स का दुरुपयोग नशा-रोधी कानून लागू करने वाली एजेंसियों के लिए सबसे बड़ी चुनौतियों में शामिल हो गया है।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि बीएसएफ और पंजाब पुलिस की बहु-स्तरीय कार्रवाई के चलते ड्रोन के जरिए होने वाली तस्करी पर काफी हद तक रोक लगी है। पंजाब पुलिस नौ एंटी-ड्रोन सिस्टम तैनात कर रही है, जिनमें तीन ‘बाज की आंख’ सिस्टम अमृतसर, तरनतारन और फिरोजपुर में कार्यरत हैं। इसके अलावा ‘ड्रोन सेंस डी200 प्रो’ की तीन यूनिटें भी सीमावर्ती जिलों में तैनात की गई हैं। ड्रोन गतिविधियों पर तत्काल कार्रवाई के लिए 147 पुलिसकर्मियों वाली 52 ड्रोन रिस्पांस टीमें बीएसएफ के साथ तालमेल में काम कर रही हैं।
पुलिस के अनुसार, फार्मास्यूटिकल ड्रग्स की बरामदगी से जुड़े आंकड़े बताते हैं कि इनका बड़ा हिस्सा पंजाब के बाहर निर्मित होता है। वर्ष 2025 से अब तक अन्य राज्यों से जुड़ी खेपों में 11.54 लाख गोलियां और कैप्सूल बरामद किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक सीमावर्ती क्षेत्रों की विलेज डिफेंस कमेटियों को भी इस अभियान से जोड़ा गया है। इसके अलावा 64 सेकेंड लाइन ऑफ डिफेंस नाके, 600 पुलिस कर्मचारी और 585 स्थानों पर 2367 सीसीटीवी कैमरे निगरानी में लगाए गए हैं।
‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान के तहत 1 मार्च, 2025 से अब तक करीब 80 हजार लोगों को गिरफ्तार करने और 486 ड्रोन बरामद करने का दावा किया गया है। नशा नेटवर्क की आर्थिक कमर तोड़ने के लिए 336 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति फ्रीज की गई है। ड्रोन बरामदगी की सूचना देने पर 25 हजार रुपये का इनाम दिया जाता है और इस साल करीब दो करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके हैं।
पुलिस का अनुमान है कि पंजाब में उपलब्ध करीब 80 प्रतिशत फार्मास्यूटिकल ड्रग्स गुजरात, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली और अन्य राज्यों से आ रही हैं। पंजाब पुलिस अब संबंधित राज्यों के साथ समन्वय बढ़ाकर निर्माण, बिक्री, खरीद और परिवहन की निगरानी मजबूत करने का मुद्दा उठाएगी, ताकि इन दवाओं को अवैध नशा नेटवर्क तक पहुंचने से रोका जा सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / GURSHARAN SINGH

