पंजाब में सरकार के आश्वासन पर दो दिनों बाद बसाें की हड़ताल खत्म
- दो दिन से ठप करीब 2,200 बसों का परिचालन बहाल
मोहाली, 04 अगस्त (हि.स.)। पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी के संविदा कर्मचारियों की रविवार आधी रात से शुरू हुई राज्यव्यापी हड़ताल मंगलवार को मांगें मान लिए जाने के बाद समाप्त हो गई। परिवहन विभाग की ओर से प्रमुख मांगों को स्वीकार करते हुए आधिकारिक पत्र जारी किए जाने के बाद कर्मचारियों ने आंदोलन वापस लेने का ऐलान किया। करीब 7,500 कर्मचारियों ने पांच अगस्त तक आंदोलन जारी रखने की घोषणा की थी।
हड़ताल समाप्त होने से पहले कर्मचारियों ने मंगलवार को मोहाली में बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। हड़ताल के कारण पूरे पंजाब में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित रही। पंजाब रोडवेज और पीआरटीसी की करीब 2,200 बसें सड़कों पर नहीं उतरीं, जिससे विभिन्न बस अड्डों पर बड़ी संख्या में यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन ने कर्मचारियों को नियमित करने, ठेका और बाहरी एजेंसी के माध्यम से भर्ती की व्यवस्था समाप्त करने तथा यूनियन सदस्यों के खिलाफ दर्ज पुलिस मामले वापस लेने की मांग को लेकर हड़ताल की थी। ये पुलिस मामले पिछले वर्ष नवंबर में किलोमीटर योजना के विरोध के दौरान संगरूर डिपो के कर्मचारियों पर दर्ज किए गए थे।
परिवहन मंत्री हरपाल सिंह चीमा, वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों और यूनियन प्रतिनिधियों के बीच हुई बैठक के बाद हड़ताल समाप्त करने का फैसला लिया गया। बैठक के बाद परिवहन विभाग ने लिखित पत्र जारी कर कर्मचारियों की मांगों पर लिए गए निर्णयों की जानकारी दी। सरकार ने कहा कि पनबस के संविदा कर्मचारियों को पीआरटीसी सेवा नियम, 1981 के तहत नियमित करने का प्रस्ताव 11 अगस्त को होने वाली पनबस निदेशक मंडल की बैठक में मुख्य विषय के रूप में रखा जाएगा। इन नियमों में वर्ष 2010 में संशोधन किया गया था।
विभाग ने यह भी कहा कि पनबस और पीआरटीसी कर्मचारियों को सीधे अनुबंध प्रणाली के तहत लाने के लिए मानसून सत्र में अध्यादेश या विधेयक पेश किया जाएगा। इसके पारित होने में देरी होने की स्थिति में विभागीय स्तर पर उचित प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। प्रदर्शनों के दौरान कर्मचारियों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी के मुद्दे को दोबारा गृह विभाग के समक्ष उठाया जाएगा और एक महीने के भीतर आवश्यक कार्रवाई पूरी करने का भरोसा दिया गया है। बाकी मांगों पर अंतिम फैसला लेने के लिए परिवहन मंत्री तथा कार्मिक और वित्त विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक 14 अगस्त को निर्धारित की गई है।
जालंधर से यूनियन प्रतिनिधि रणजीत सिंह ने बताया कि हड़ताल के दौरान जिले में करीब 160 बसें नहीं चलीं। उन्होंने कहा कि सरकार से लिखित आश्वासन मिलने के बाद हड़ताल वापस ली गई है और कर्मचारियों को उम्मीद है कि सभी वादे निर्धारित समय के भीतर पूरे किए जाएंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / GURSHARAN SINGH

