home page

पंजाब में समय से पहले चुनाव आचार संहिता लागू करने के लिए सुनील जाखड़ ने राज्यपाल को लिखा पत्र

 | 
पंजाब में समय से पहले चुनाव आचार संहिता लागू करने के लिए सुनील जाखड़ ने राज्यपाल को लिखा पत्र


- पंजाब में कानून-व्यवस्था बिगड़ी, निष्पक्ष चुनाव के लिए जल्द आचार संहिता लागू करना जरूरी

चंडीगढ़, 29 अक्टूबर (हि.स.)। पंजाब भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। जाखड़ ने पंजाब के राज्यपाल को पत्र लिखकर मांग की है कि वह चुनाव आयोग से प्रदेश में समय से पहले आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू करने की सिफारिश करें। उनका कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव कराना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

जाखड़ ने अपने पत्र में अबोहर में आयोजित होने वाली वार्षिक नशा विरोधी मैराथन को प्रशासन द्वारा अनुमति नहीं दिए जाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने अपने लिखित आदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति अनुकूल नहीं होने का हवाला दिया है। जाखड़ ने कहा कि वह सरकार की नीतियों का विरोध करते हैं, लेकिन पहली बार सरकार ने स्वयं स्वीकार किया है कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक है। भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि अमृतसर, तरनतारन, खेमकरण, गुरदासपुर, हरगोबिंदपुर, मानसा, अबोहर, संगरूर और लुधियाना सहित विभिन्न क्षेत्रों में आपराधिक घटनाओं के कारण लोगों में असुरक्षा का माहौल है।

उन्होंने दावा किया कि नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों को धमकियों और हिंसा का सामना करना पड़ रहा है। जाखड़ ने पुलिस पर कुछ मामलों में पीड़ित परिवारों की आवाज दबाने का भी आरोप लगाया। जाखड़ ने आरोप लगाया कि राज्य में कुछ अधिकारियों की नियुक्तियां राजनीतिक हितों को ध्यान में रखकर की जा रही हैं। उन्होंने जेलों से नशे और हथियारों की तस्करी संचालित होने तथा अपराधियों को कथित संरक्षण मिलने के आरोप भी लगाए। इससे पहले वह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से नशा तस्करी और आपराधिक गिरोहों के कथित गठजोड़ की राष्ट्रीय जांच एजेंसी से जांच करवाने की मांग कर चुके हैं।

सुनील जाखड़ ने कहा कि पंजाब जैसे सीमावर्ती राज्य में भय का माहौल लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है। उन्होंने आशंका जताई कि विधानसभा चुनाव तक परिस्थितियां और गंभीर हो सकती हैं। उन्होंने राज्यपाल से आग्रह किया कि वह चुनाव आयोग को जल्द आदर्श आचार संहिता लागू करने की सिफारिश करें, ताकि मतदाता बिना किसी दबाव के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।

---------------------------

हिन्दुस्थान समाचार / GURSHARAN SINGH