पंजाब विधानसभा में अवैध खनन के मुद्दे पर हंगामा, कांग्रेस ने किया वाकआउट
- बाजवा बोले, विधानसभा की संयुक्त कमेटी करे खनन की जांच
चंडीगढ़, 06 अगस्त (हि.स.)। पंजाब विधानसभा के मानसून सत्र के चौथे दिन गुरुवार को अवैध खनन का मुद्दा गरमा गया। इस मुद्दे पर भाजपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के नेताओं के बीच नोकझोंक हुई। भाजपा विधायक अश्वनी शर्मा ने आरोप लगाया कि अवैध खनन के खिलाफ आवाज उठाने वालों को आम आदमी पार्टी के नेता धमकाते हैं। उन्होंने कहा कि 'जिसकी खेत, उसकी रेत' की वास्तविक स्थिति जानने के लिए सरकार को मौके पर जाकर निरीक्षण करना चाहिए।
अश्वनी शर्मा ने कहा कि 20 हजार करोड़ रुपए की आय का वादा सरकार ने किया था। अब हर बात के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। जवाब में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि यह केंद्र और राज्यों के संबंधों का मामला है। केंद्र सरकार पंजाब का बनता हुआ फंड रोक रही है। वहीं अमन अरोड़ा ने कहा कि भाजपा नेता ऐसा बयान देकर अपनी सोच प्रदर्शित की। उन्हें माफी मांगनी चाहिए।
विधानसभा में चर्चा के दौरान विधायक परगट सिंह ने कहा कि जमीनी स्तर पर हालात काफी खराब हैं। तीन हजार खेल मैदानों की बात की जाती है, लेकिन कई जगह केवल बोर्ड लगे हैं। स्कूलों में शिक्षकों की कमी बनी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके विधानसभा क्षेत्र में कोई नदी नहीं है, फिर भी वहां अवैध माइनिंग हो रही है। जब भी पंजाब के पानी और राज्य के अधिकारों का सवाल आए, सभी राजनीतिक दलों को एकजुट होकर आवाज उठानी चाहिए।
नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने दलील दी कि कमेटी बना देनी चाहिए, ताकि हकीकत पता चल सके। इस पर मंत्री अमन अरोड़ा ने साथ में कैप्टन अमरिंदर सिंह की उस रिपोर्ट को भी ले चलेंगे। उन्होंने कहा था 21 विधायक अवैध खनन में लिप्त हैं। इस मुद्दे पर सदन में काफी हंगामा हुआ, जिसके बाद कांग्रेस ने सदन से वाकआउट कर दिया।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

