पंजाब के 8 लाख से अधिक कर्मचारियों और पेंशनरों का डीए 8 फीसदी बढ़ा
- मुख्यमंत्री मान के साथ बैठक के बाद सरकार ने जारी किया नोटिफिकेशन, एक सितंबर से लागू होगी नई दर
चंडीगढ़, 23 सितंबर (हि.स.)। पंजाब सरकार ने राज्य के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों को बड़ी राहत देते हुए महंगाई भत्ते (डीए) में 8 फीसदी बढ़ोतरी की है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार की ओर से जारी नोटिफिकेशन के अनुसार डीए में यह वृद्धि 1 सितंबर से प्रभावी होगी। सरकार के इस फैसले से पंजाब के 8 लाख से अधिक कर्मचारी और पेंशनर लाभान्वित होंगे।
मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार डीए बढ़ाने का फैसला कर्मचारियों के कल्याण और उनकी आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। कार्यालय ने कहा कि महंगाई और रोजमर्रा की जरूरी वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि के बीच डीए में इजाफा कर्मचारियों और पेंशनरों को अतिरिक्त आर्थिक सहायता उपलब्ध कराएगा। सरकार के मुताबिक डीए बढ़ाने का निर्णय कर्मचारी यूनियनों के प्रतिनिधियों के साथ मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की हाल ही में हुई बैठक के बाद लिया गया। मुख्यमंत्री आवास पर हुई इस बैठक में कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई थी। इनमें महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी की मांग भी प्रमुख रूप से शामिल थी।
मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया कि बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कर्मचारी प्रतिनिधियों को उनकी जायज मांगों पर सकारात्मक तरीके से विचार करने का भरोसा दिया था। सरकार के अनुसार इसी आश्वासन के तहत अब डीए में 8 फीसदी बढ़ोतरी को औपचारिक रूप से अधिसूचित किया गया है। नोटिफिकेशन के मुताबिक बढ़ा हुआ डीए 1 सितंबर से लागू माना जाएगा। पात्र सरकारी कर्मचारियों को लागू सरकारी नियमों और प्रावधानों के अनुसार वेतन के साथ बढ़े हुए डीए का भुगतान किया जाएगा। इसी तरह पेंशनरों को भी संबंधित नियमों के तहत संशोधित महंगाई भत्ते का लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री कार्यालय ने कहा कि सरकार कर्मचारियों और पेंशनरों के साथ लगातार संवाद बनाए रखने और उनकी समस्याओं का बातचीत के माध्यम से समाधान करने की दिशा में काम कर रही है। कार्यालय के अनुसार डीए में 8 फीसदी बढ़ोतरी से राज्य के 8 लाख से अधिक कर्मचारियों और पेंशनरों को आर्थिक राहत मिलेगी। सरकार ने कहा कि कर्मचारियों और पेंशनरों से जुड़े जायज मुद्दों पर आगे भी समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से कार्रवाई करने का प्रयास जारी रहेगा। मुख्यमंत्री कार्यालय ने इस फैसले को कर्मचारी प्रतिनिधियों के साथ मुख्यमंत्री की बैठक में दिए गए आश्वासन को पूरा करने की दिशा में उठाया गया कदम बताया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / GURSHARAN SINGH

