पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र में परविंदर सिंह झोटा को श्रद्धांजलि
-छह दिवसीय विशेष सत्र दिवंगतों को श्रद्धांजलि के बाद शुक्रवार सुबह तक स्थगित
चंडीगढ़, 22 अक्टूबर (हि.स.)। पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान गुरुवार को सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले एंटी ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा को विधानसभा में श्रद्धांजलि दी गई। पहले दिन सदन की कार्यवाही केवल नौ मिनट चली और दिवंगतों को श्रद्धांजलि के बाद सदन की कार्यवाही को शुक्रवार सुबह दस बजे तक स्थगित कर दिया गया।
पंजाब में बीती 13 अक्टूबर को परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद से राजनीति गरमाई हुई है। गृहमंत्री अमित शाह भी परविंदर सिंह झोटा के परिजनों से मुलाकात कर चुके हैं। इस मामले में जहां सीबीआई जांच चल रही है वहीं पंजाब सरकार तथा विपक्षी दल आमने-सामने हो चुके हैं।
गुरुवार को सदन की कार्यवाही शुरू होने के साथ ही पूर्व मंत्री भगत चुन्नी लाल, पूर्व सांसद वरिंदर सिंह बाजवा, पूर्व विधायक रणजीत सिंह, वरिष्ठ चिकित्सक डॉ.राम रतन मित्तल को सदन में श्रद्धांजलि भेंट की गई। सदन में संगरूर में सडक़ हादसे में जान गंवाने वाले आठ मनरेगा मजदूरों को भी श्रद्वाजंलि दी गई। इस दौरान दो मिनट का मौन रखा गया है।
विधानसभा की कार्यवाही छह दिन चलेगी। इससे पहले भाजपा नेताओं ने विधानसभा के बाहर प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि पंजाब में नशे का असर लोगों के जीवन पर गंभीर रूप से पड़ रहा है। नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों को अपनी जान गंवानी पड़ रही है। विपक्ष ने आरोप लगाया कि नशा तस्करी रोकने में सरकार फेल रही है। कांग्रेस के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने पहले ही साफ कर दिया कि वह सदन की कार्यवाही नहीं चलने देंगे।
पंजाब विधानसभा का सेशन शुरू होने से पहले हंगामा हो गया है। लवप्रीत के परिजन और भाजपा नेता विधानसभा पहुंचे और प्रदर्शन किया है। इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर वहां से हटाया।
पंजाब भाजपा के पूर्व प्रधान सुनील जाखड़ ने कहा कि सीएम साहब, इस परिवार से मिल लो। अपनी पगड़ी की लाज रख लो। जाखड़ ने सवाल उठाया कि यदि मुख्यमंत्री हवाई जहाज से सीबीआई जांच की सिफारिश कर सकते हैं, तो पीड़ित परिवार से मिलने क्यों नहीं जा सकते। उन्होंने कहा कि जब तक इंसाफ नहीं मिलता, तब तक वे विधानसभा आते रहेंगे।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

