पंजाब विधानसभा में मुख्यमंत्री और विधायकों का डोप टेस्ट कराने की मांग पर हंगामा
- स्पीकर ने कांग्रेस की मांग को किया खारिज, विपक्ष ने सदन से किया वाकआउट
चंडीगढ़, 01 मई (हि.स.)। पंजाब विधानसभा में मजदूर दिवस पर शुक्रवार को बुलाए गए विशेष सत्र के दौरान दिनभर भारी हंगामा चलता रहा। कांग्रेस विधायकों ने मुख्यमंत्री पर कथित तौर पर नशे की हालत में होने का आरोप लगाया, जिसके बाद कई बार कांग्रेस ने सदन से वाकआउट किया और सदन की कार्यवाही भी स्थगित की गई। दोपहर बाद सदन की कार्यवाही शुरू होने पर विधानसभा स्पीकर ने मुख्यमंत्री तथा विधायकों का डोप टेस्ट करवाने की मांग को खारिज कर दी, जिसके बाद कांग्रेस ने सदन से वाकआउट कर दिया।
विधानसभा की कार्यवाही शुक्रवार की सुबह 11 बजे शुरू हुई। हंगामे के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान तथा कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैहरा के बीच बहस शुरू हो गई। मुख्यमंत्री ने खैहरा के सदन में टांग पर टांग रखकर बैठने पर आपत्ति जताई। मुख्यमंत्री ने तैश में सुखपाल खैहरा के प्रति कुछ शब्द बोलते हुए यहां तक बोल दिया कि उनका इलाज करवाया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह अपनी बेटी को पंजाबी पढाएंगे। विपक्ष चिंता न करे। इसे लेकर सदन में जोरदार हंगामा हुआ। कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी तथा अकाली दल ने मुख्यमंत्री का यह वीडियो वायरल करते हुए मांग उठाई कि सदन में मौजूद सभी मंत्रियों तथा विधायकों का डोप टेस्ट करवाया जाए।
कांग्रेस विधायक डोप टेस्ट की मांग को लेकर स्पीकर बेल में आ गए और उन्होंने जोरदार नारेबाजी की। दोपहर तीन बजे सदन की कार्यवाही शुरू हुई, तो नेता प्रतिपक्ष प्रताप बाजवा ने स्पीकर को लिखित में मुख्यमंत्री तथा सभी विधायकों का डोप टेस्ट करवाने की मांग उठाई। कांग्रेस ने हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद सदन को 3.20 बजे तक स्थगित कर दिया गया। सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर कांग्रेस ने फिर से डोप टेस्ट की मांग उठाई। हंगामे के बीच स्पीकर ने इस मांग को खारिज कर दिया, जिसके चलते कांग्रेस विधायक नारेबाजी करते हुए सदन से बाहर चले गए। स्पीकर ने इस दौरान लगाए गए नारे तथा विपक्ष की सभी टिप्पणियों को सदन की कार्यवाही से बाहर निकाल दिया।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

