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पंजाब:सीबीआई ने परविंदर झोटा के परिजनों के बयान किए दर्ज

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-दसवें दिन भी नहीं हुआ अंतिम संस्कार

चंडीगढ़, 22 अक्टूबर (हि.स.)। सीबीआई ने पंजाब के मानसा में एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड की जांच करते हुए गुरुवार को झोटा के माता-पिता व पत्नी से करीब एक घंटे तक पूछताछ करके उनके बयान दर्ज किए। सीबीआई पिछले दो दिन से मानसा में है। इस बीच गुरुवार को भी परविंदर सिंह झोटा का अंतिम संस्कार नहीं किया जा सका। पंजाब सरकार द्वारा गठित एसआईटी तथा परिजनों व संघर्ष समिति के बीच बैठकों का दौर आज भी जारी रहा। इससे पहले भी सीबीआई की टीम ने झोटा के परिजनों के साथ मुलाकात की थी। गुरुवार को करीब पांच घंटे तक अलग-अलग स्थानों पर सर्च के बाद सीबीआई की टीम ने आरोपी विपिन कुमार के घर में जाकर सर्च की। सीबीआई की एक टीम अश्विनी कुमार के घर पर मौजूद रही। हत्या के 10 दिन बाद भी झोटा का पोस्टमॉर्टम और अंतिम संस्कार नहीं हुआ है।

दूसरी तरफ इस मामले में गिरफ्तार अश्विनी कुमार और उसकी पत्नी नीलम रानी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मानसा कोर्ट में में पेश किया। अदालत ने दोनों आरोपियों को 5 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। मानसा पुलिस ने कोर्ट में कहा कि इस मामले की जांच अब सीबीआई करेगी, इसलिए पुलिस को आरोपियों की फिलहाल जरूरत नहीं है। पुलिस ने अदालत से दोनों आरोपियों को जेल भेजने का अनुरोध किया। आरोपियों- विपन कुमार और लाडी कुमार को भी 5 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

इस बीच तख्त श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार ज्ञानी टेक सिंह धनौला ने आज मानसा के सरकारी अस्पताल में उपचाराधीन घायलों का हालचाल जाना। इसके बाद झोटा को इंसाफ दिलाने के लिए लगाए गए धरने में शामिल होते हुए उन्होंने घायलों के परिवारों को एसजीपीसी की ओर से 5-5 लाख रुपये की सहायता राशि के चेक सौंपे। इसके साथ ही उन्होंने झोटा के पिता भीम सिंह से भी बातचीत की। जत्थेदार ने कहा कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से निर्णय लिया जा रहा है कि सभी गुरुद्वारा साहिबान में परविंदर सिंह झोटा की अंतिम अरदास करवाई जाए। उन्होंने कहा कि परविंदर सिंह झोटा ने सामाजिक कार्यों के लिए बहुत बड़ी कुर्बानी दी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा