पंजाब सरकार ने विधानसभा में पेश किया दो लाख 60 हजार करोड़ का बजट
- पंजाब को 16वें वित्त आयोग में केंद्र से मिलने वाला हिस्सा बढ़ा
चंडीगढ़, 08 मार्च (हि.स.)। पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने रविवार
को विधानसभा में कुल दो लाख 60 हजार 437 करोड़ रुपये का वार्षिक बजट पेश किया। पंजाब
की आम आदमी पार्टी सरकार का यह अंतिम बजट था। बजट में वित्त वर्ष 2026–27 में पंजाब की कुल आमदनी लगभग 1,26,190 करोड़ रहने का
अनुमान है। वित्त मंत्री ने कहा कि इसमें हमारा खुद का कर
राजस्व 70,851 करोड़ और गैर-कर राजस्व 15,687 करोड़ रहेगा। 16वें वित्त आयोग
ने पंजाब को केंद्र से मिलने वाले हिस्से में बढ़ोतरी कर दी है।
अब पंजाब की
हिस्सेदारी 1.807 प्रतिशत से बढ़कर 1.996 प्रतिशत हो गई है। इसके चलते वित्त वर्ष 2026–27 में केंद्र
से मिलने वाले कर का हिस्सा 30,464 करोड़ तक पहुंच जाएगा,
जो पिछले साल 25,171 करोड़ था। यानी पिछले साल
की तुलना में 5,293 करोड़ ज्यादा है।
साथ ही केंद्र से मिलने वाला अनुदान 9,188 करोड़ अनुमानित
है। हर बड़े राजस्व स्रोत में हमने अच्छा बढ़ावा देखा है। एक्साइज (शराब और सिगरेट
आदि पर टैक्स) का राजस्व इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। नियम सख्त होते हैं और रिसाव
पर बिल्कुल भी सहन नहीं होता, तो राजस्व बढ़ता है। आम आदमी
पार्टी के 5 साल के कार्यकाल में एक्साइज से 53,122 करोड़ का राजस्व आया, जबकि पिछली कांग्रेस सरकार में
27,934 करोड़ और अकाली-भाजपा सरकार में
20,545 करोड़ था।
स्टाम्प और
रजिस्ट्रेशन से भी काफी बढ़ोतरी हुई है। आम आदमी पार्टी के कार्यकाल में इससे 30,367 करोड़ की आमदनी हुई है,जबकि पिछली कांग्रेस सरकार
में 12,469 करोड़ और अकाली-भाजपा में 12,387
करोड़ ही था। वित्त वर्ष 2026–27 के लिए 9,000
करोड़ का लक्ष्य रखा गया है।
लंबित विवाद और
टैक्स विवाद सुलझाने के लिए 2024 में वन टाइम सेटलमेंट नीति शुरू
की गई। इसमें 70,311 डीलरों को 866 करोड़
की छूट मिली और राज्य को 164 करोड़ वापस मिले। इसके बाद एक
अक्टूबर 2025 से वन टाइम सेटलमेंट–2025
योजना शुरू की गई। इसमें टैक्स में राहत के साथ ब्याज और जुर्माने
की पूरी छूट दी जाती है, ताकि पुराने मामलों को खत्म कर
व्यवसाय आगे बढ़ सकें। अब तक 7,400 से ज्यादा आवेदन आए और 100
करोड़ से ज्यादा वसूली हुई। वित्त वर्ष 2026–27 में जीएसटी का लक्ष्य 32,000 करोड़
रखा गया है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

