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चंडीगढ़ में कैब चालकों का हंगामा, पुलिस ने पंजाब राजभवन कूच करने से रोका

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चंडीगढ़, 10 जून (हि.स.)। चंडीगढ़ में किराया बढ़ाने की मांग को लेकर हड़ताल कर रहे कैब चालकों के आंदोलन के बीच बुधवार को पुलिस ने यूनियन नेताओं को सचिवालय की ओर बढ़ने से रोक दिया। पुलिस उन्हें सेक्टर-3 स्थित थाने ले गई।

ट्राइसिटी कैब ड्राइवर वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान अमनदीप सिंह ने बताया कि पुलिस अधिकारियों ने उन्हें आश्वासन दिया है कि राज्यपाल के आगमन पर यूनियन के दो प्रतिनिधियों की मुलाकात करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि मांगें पूरी होने तक सेक्टर-25 में धरना जारी रहेगा। प्रदर्शन प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक किया जाएगा। कैब चालकों के आंदोलन को अब ऑटो चालकों का भी समर्थन मिल गया है। ऐसे में आम लोगों के लिए सार्वजनिक परिवहन के रूप में मुख्य विकल्प अब सीटीयू बस सेवा ही बची है।

चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग शहर और आसपास के क्षेत्रों में 65 से 70 लोकल एवं सब-अर्बन रूटों पर बसें संचालित कर रही है। सेक्टर-17 और सेक्टर-43 बस अड्डों के बीच नियमित बस सेवा उपलब्ध है, जबकि पीजीआई, सेक्टर-32 अस्पताल, हाई कोर्ट और सचिवालय जैसे प्रमुख संस्थानों के लिए भी सीधी बस सुविधाएं मौजूद हैं। अधिकांश रूटों पर हर 15 से 20 मिनट के अंतराल पर बसें उपलब्ध हैं।

कैब चालकों का कहना है कि सीएनजी की कीमत में लगभग 9 रुपये प्रति किलो तथा पेट्रोल और डीजल के दाम में करीब 7 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हो चुकी है। इसी वजह से वे किराया दर को बढ़ाकर 35 रुपये प्रति किलोमीटर करने की मांग कर रहे हैं। इस बीच, 16 जून को प्रस्तावित बड़े प्रदर्शन को बुड्ढा दल के निहंग सिंहों का भी समर्थन मिल गया है। दल के प्रतिनिधियों का कहना है कि लंबे समय से कैब चालकों की समस्याओं की अनदेखी की जा रही है और उनकी जायज मांगों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इसी कारण बुड्ढा दल ने भी आंदोलन में शामिल होने का फैसला लिया है।----------------

हिन्दुस्थान समाचार / GURSHARAN SINGH