मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दारा सिंह और गुरदर्शन सिंह को तीन-तीन साल की सजा
मोहाली, 04 सितंबर (हि.स.)। मोहाली की विशेष पीएमएलए अदालत ने दारा सिंह और गुरदर्शन सिंह को मनी लॉन्ड्रिंग के अपराध में दोषी करार देते हुए तीन-तीन साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दोनों पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
यह मामला 1.230 किलोग्राम कोकीन की बरामदगी से जुड़े मादक पदार्थ तस्करी प्रकरण से संबंधित है। ईडी ने पंजाब पुलिस में एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज एफआईआर के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की थी। जांच के दौरान सामने आया कि दोनों आरोपितों का संबंध प्रतिबंधित मादक पदार्थ से जुड़े लेन-देन से था। बाद में दोनों को एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत भी दोषी ठहराया गया।
ईडी की जांच में 6 लाख रुपये और 4 लाख रुपये के दो चेक भी सामने आए, जिनकी कुल राशि 10 लाख रुपये थी। जांच एजेंसी के मुताबिक इन चेकों का संबंध मादक पदार्थों से जुड़े कथित लेन-देन से था। विशेष अदालत ने 3 सितंबर को दोनों आरोपितों को धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 की धारा 3 के तहत मनी लॉन्ड्रिंग का दोषी माना, जो धारा 4 के तहत दंडनीय है।
अदालत ने अपने फैसले में यह भी माना कि बरामद मादक पदार्थ और 10 लाख रुपये के दोनों चेक पीएमएलए के तहत ‘संपत्ति’ की परिभाषा में आते हैं और इन्हें ‘अपराध से अर्जित आय’ माना जा सकता है, क्योंकि इनका संबंध अनुसूचित अपराध से उत्पन्न आपराधिक गतिविधि से था। ईडी के अनुसार यह फैसला इस बात को महत्वपूर्ण रूप से स्थापित करता है कि मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े वित्तीय लेन-देन और उनसे अर्जित संपत्ति भी मनी लॉन्ड्रिंग कानून के दायरे में आ सकती है। फिलहाल अदालत के आदेश के बाद दोनों दोषियों को सजा भुगतनी होगी।
---------------------------
हिन्दुस्थान समाचार / GURSHARAN SINGH

