home page

मोहाली जमीन घोटाला मामले में आईएएस कंवलप्रीत बराड़ ईडी के सामने पेश हुईं

 | 
मोहाली जमीन घोटाला मामले में आईएएस कंवलप्रीत बराड़ ईडी के सामने पेश हुईं


- कथित फर्जी सहमति पत्रों और 2024 के फैसलों को लेकर हुई पूछताछ

जालंधर, 18 अगस्त (हि.स.)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समन के बाद पंजाब कैडर की आईएएस अधिकारी कंवलप्रीत बराड़ मंगलवार को जालंधर स्थित ईडी कार्यालय में पेश हुईं। यह पूछताछ मोहाली के सनटेक सिटी प्रोजेक्ट से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग और भूमि संबंधी अनियमितताओं की जांच के सिलसिले में की गई है।

पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में सचिव के पद पर कार्यरत कंवलप्रीत बराड़ 2007 बैच की आईएएस अधिकारी हैं। ईडी की यह जांच उनके 2024 के उस कार्यकाल से जुड़ी है, जब वह टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग की निदेशक थीं। बराड़ सुबह करीब 10:25 बजे कुछ दस्तावेज के साथ ईडी कार्यालय पहुंचीं। जांच एजेंसी ने उनसे सनटेक सिटी प्रोजेक्ट के लिए संशोधित चेंज ऑफ लैंड यूज (सीएलयू) मंजूरियों की प्रक्रिया और कथित रूप से फर्जी सहमति दस्तावेजों के आधार पर दी गई स्वीकृतियों के संबंध में पूछताछ की है।

यह मामला मोहाली के गांव पलहेड़ी निवासी जमीन मालिक करमजीत सिंह की वर्ष 2020 में दी गई शिकायत से जुड़ा है। आरोप है कि सनटेक सिटी के प्रमोटरों ने उनकी जमीन और 14 अन्य किसानों की भूमि से संबंधित कथित फर्जी सहमति पत्र तैयार किए थे। मोहाली पुलिस की जांच के बाद नवंबर, 2022 में मुल्लांपुर थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। इसी मामले को आधार बनाकर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की। इसके बाद मोहाली और चंडीगढ़ में कई स्थानों पर छापेमारी की गई और अधिकारियों के साथ प्रोजेक्ट से जुड़े लोगों से पूछताछ की गई।

ईडी पहले सनटेक सिटी के प्रमोटर अजय सहगल से भी पूछताछ कर चुकी है और बाद में उन्हें गिरफ्तार किया गया था। जांच के दौरान कारोबारी नितिन गोयल के ठिकाने पर भी छापेमारी की गई थी। अब ईडी ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए गमाडा और पंजाब के आवास विभाग की कार्यप्रणाली से जुड़ी कथित अनियमितताओं को भी जांच के दायरे में लिया है। कई वरिष्ठ अधिकारियों से पूछताछ की जा चुकी है और सनटेक सिटी समेत अन्य परियोजनाओं को दी गई सीएलयू मंजूरियों का पूरा रिकॉर्ड भी मांगा गया है।

------------------------

हिन्दुस्थान समाचार / GURSHARAN SINGH