परविंदर झोटा का 14 दिन बाद भी नहीं हुआ संस्कार, सीएम बोले-सभी जायज मांगें मानी
- अब परिवार या कमेटी को तय करना है कि अंतिम संस्कार कब किया जाए
चंडीगढ़, 26 अक्टूबर (हि.स.)। पंजाब के मानसा में मारे गए एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा का सोमवार को 14वें दिन भी अंतिम संस्कार नहीं हो सका। इस बीच सीएम भगवंत मान ने कहा कि सरकार ने परिवार और कमेटी की सभी जायज मांगें मान ली हैं। अब परिवार या कमेटी को तय करना है कि अंतिम संस्कार कब किया जाए।
सीबीआई ने सोमवार सुबह मानसा के वीर नगर मोहल्ले में 2 मेडिकल स्टोरों के गोदामों में रेड की है। इसमें एक आरोपित केमिस्ट अश्विनी कुमार का गोदाम है। सीबीआई की टीम 20 अक्टूबर की देर रात करीब 12 बजे मानसा पहुंची थी। तब से टीम यहां लगातार जांच कर रही है। एक्शन कमेटी ने प्रदर्शन की अगली रणनीति तय करने के लिए आज झोटा के परिवार के साथ बैठक करने का फैसला लिया है। दूसरी तरफ सरकार की ओर से गठित कमेटी के साथ कोई बैठक तय नहीं हुई है, लेकिन माना जा रहा है कि अगर प्रशासन बैठक करता है, तो अन्य मांगों के साथ-साथ झोटा को शहीद का दर्जा दिलाने की मांग उठाई जाएगी।
मानसा में चल रही कार्रवाई के बाद पंजाब के सभी होलसेलर और रिटेलर केमिस्टों ने ट्रामाडोल, प्रेगाबालिन और सभी तरह की साइकोट्रोपिक व नारकोटिक दवाओं की बिक्री नहीं करने का ऐलान किया है।
झोटा की पत्नी मनप्रीत कौर ने कहा कि संघर्ष को केवल झोटा के मामले में दोषियों को सजा दिलाने तक सीमित नहीं रखना चाहिए। इसे पंजाब में नशे के बढ़ते प्रचलन के खिलाफ साझा लड़ाई बनाना होगा, ताकि दूसरे परिवारों को उजडऩे से बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि उनके परिवार ने अपने प्रियजन को खोने का जो दुख झेला है, वह किसी और परिवार को न झेलना पड़े। किसी बच्चे के सिर से पिता का साया न उठे और किसी दूसरे घर के सपने नशे की भेंट न चढ़ें।
शिरोमणि अकाली दल के प्रधान व पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल रविवार देर शाम को परविंदर सिंह झोटा के मानसा स्थित घर पहुंचकर उनके परिवार से मुलाकात की और दुख साझा किया। उन्होंने झोटा के माता-पिता, पत्नी और दोनों छोटे बच्चों के हौसले को नमन करते हुए कहा कि परिवार अपने गहरे दुख के बावजूद इंसाफ की लड़ाई लड़ रहा है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

