गुरबाणी प्रसारण को लेकर एसजीपीसी और जीटीसी नेटवर्क आमने-सामने, अमृतसर पुलिस में शिकायत दर्ज
चंडीगढ़, 12 अगस्त (हि.स.)। श्री गुरु ग्रंथ साहिब से संबंधित गुरबाणी के लाइव प्रसारण को लेकर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और जीटीसी नेटवर्क आमने-सामने आ गए हैं। एसजीपीसी ने जीटीसी नेटवर्क के खिलाफ अमृतसर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है कि नेटवर्क ने श्री हरमंदिर साहिब से गुरबाणी के लाइव प्रसारण से जुड़ी निर्धारित नीति और अधिकारों का उल्लंघन किया है।
एसजीपीसी का कहना है कि श्री हरमंदिर साहिब से गुरबाणी के प्रसारण की अनुमति देने या रोकने का कानूनी अधिकार केवल एसजीपीसी के पास है। कमेटी के अनुसार पीटीसी नेटवर्क एसजीपीसी की अनुमति और अधिकृत व्यवस्था के तहत उसके यूट्यूब चैनल पर गुरबाणी के लाइव प्रसारण की तकनीकी व्यवस्था संभालता है। एसजीपीसी का दावा है कि जीटीसी नेटवर्क को इस तरह के प्रसारण के लिए कोई अनुमति नहीं दी गई थी।
एसजीपीसी के कानूनी सलाहकार अमनबीर सिंह सियाली ने शिकायत की पुष्टि करते हुए कहा कि एसजीपीसी ने अमृतसर पुलिस कमिश्नर के पास शिकायत दर्ज कर जीटीसी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। एसजीपीसी का आरोप है कि जीटीसी नेटवर्क ने 6 अगस्त से एसजीपीसी की अनुमति के बिना अपने लोगो के साथ गुरबाणी का प्रसारण शुरू किया। इसके बाद एसजीपीसी ने नेटवर्क को कानूनी नोटिस भेजा, जिसके चलते कुछ समय के लिए प्रसारण बंद हुआ, लेकिन बाद में इसे दोबारा शुरू कर दिया गया।
एसजीपीसी के कानूनी सलाहकार ने कहा कि सोशल मीडिया या यूट्यूब पर एसजीपीसी की लाइव फीड का लिंक शेयर करना अलग बात है और इसे अनुमति दी गई है, लेकिन किसी सैटेलाइट प्लेटफॉर्म पर अपने लोगो के साथ गुरबाणी की फीड को दोबारा प्रसारित करना अलग मामला है और इसके लिए एसजीपीसी की अनुमति आवश्यक है।
एसजीपीसी अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी के अनुसार जीटीसी नेटवर्क ने 5 अगस्त की रात करीब 9 बजे गुरबाणी प्रसारण की अनुमति मांगते हुए पत्र भेजा था। एसजीपीसी का आरोप है कि जवाब का इंतजार किए बिना नेटवर्क ने अगले दिन सुबह एसजीपीसी के यूट्यूब चैनल से लिंक लेकर करीब 3.15 बजे गुरबाणी का दोबारा प्रसारण शुरू कर दिया।
दूसरी ओर, जीटीसी नेटवर्क के संस्थापक और प्रबंध निदेशक रवींद्र नारायण ने एसजीपीसी के आरोपों को लेकर कहा कि कमेटी नेटवर्क के खिलाफ ‘चुनिंदा कार्रवाई’ कर रही है। उन्होंने दावा किया कि कई अन्य चैनल भी एसजीपीसी के अधिकृत चैनल से गुरबाणी की लाइव फीड प्रसारित कर रहे हैं, लेकिन उनके खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई। नारायण ने आरोप लगाया कि कुछ चैनल एसजीपीसी की फीड पर अपने लोगो लगा रहे हैं और कुछ चैनल एसजीपीसी का लोगो भी हटा देते हैं। उन्होंने कहा कि यदि जरूरत पड़ी, तो वह इसके प्रमाण भी उपलब्ध करा सकते हैं।
एसजीपीसी फिलहाल अपने ‘एसजीपीसी श्री अमृतसर’ यूट्यूब चैनल के माध्यम से दिन में तीन बार गुरबाणी का प्रसारण करता है। इसके अलावा फेसबुक, आधिकारिक वेबसाइट और एप्पल एप्लीकेशन के जरिए भी प्रसारण उपलब्ध कराया जाता है। एसजीपीसी ने स्पष्ट किया है कि उसकी अनुमति के बिना कोई भी चैनल या डिजिटल प्लेटफॉर्म गुरबाणी की फीड को री-स्ट्रीम, डाउनलोड या दोबारा प्रसारित नहीं कर सकता।
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हिन्दुस्थान समाचार / GURSHARAN SINGH

