फाजिल्का में ‘राखी सरहद के नाम’, 1100 महिलाओं ने जवानों को बांधी राखी
फाजिल्का, 23 अगस्त (हि.स.)। भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे फाजिल्का में इस बार रक्षाबंधन का पर्व खास अंदाज में मनाया गया। असफवाला वॉर मैमोरियल में आयोजित ‘राखी सरहद के नाम’ कार्यक्रम में क्षेत्र की करीब 1100 महिलाओं ने भारतीय सेना और बीएसएफ के 1100 जवानों की कलाई पर राखी बांधी।
कार्यक्रम में पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। महिलाओं ने जवानों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि सैनिक अपने परिवारों से दूर रहकर देश की सीमाओं की रक्षा करते हैं। ऐसे में रक्षाबंधन पर उनकी कलाई पर राखी बांधना गर्व की बात है।
राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने कार्यक्रम को अनूठा बताते हुए कहा कि यह आयोजन देश की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीद जवानों को समर्पित है। उन्होंने कहा कि सैनिकों की कलाई पर बहनों द्वारा राखी बांधना केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि विश्वास, सम्मान और भाईचारे का प्रतीक है।
असफवाला वॉर मैमोरियल का इस आयोजन में विशेष महत्व रहा। यह स्मारक 1971 के भारत-पाक युद्ध में फाजिल्का सेक्टर की रक्षा करते हुए शहीद हुए 272 भारतीय सैनिकों की स्मृति में बनाया गया है। कार्यक्रम के दौरान शहीदों को श्रद्धांजलि भी अर्पित की गई।
इस अवसर पर करण फाउंडेशन के संयोजक करण गिल्होत्रा, मेजर जनरल अनुज कालिया और कर्नल शमशेर सिंह सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। आयोजन ने सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों और जवानों के बीच आपसी सम्मान व भाईचारे के रिश्ते को और मजबूत किया।
हिन्दुस्थान समाचार / GURSHARAN SINGH

